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Good News: मुर्गे के अपशिष्‍ट से बना डीजल बिक रहा है 36 रुपये लीटर, देता है 38 किलोमीटर से ज्‍यादा का माइलेज
रिलीज़ की तारीख:2022-10-07 09:07:31
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मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजDobaaraa Box Office Collection Day 2: तापसी पन्नू की फिल्म 'दोबारा' ने पहले ही दिन मेकर्स को दिया झटका, कमाए इतने करोड़******Highlights: एक्ट्रेस तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) की फिल्म 'दोबारा' रिलीज हो चुकी है। शुक्रवार (Friday) को ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दस्तक दे चुकी है। फिल्म की रिलीज़ से पहले तापसी पन्नू ने इसका काफी प्रमोशन भी किया था। लेकिन लगता है फिल्म 'दोबारा' लोगों को कुछ खास रास नहीं आई है। जहां फिल्म को रिलीज़ से पहले काफी अच्छा रिस्पोंस मिल रहा था। वहीं रिलीज़ के दिनके बाद के आकड़े तो कुछ और ही कहानी बयां करते हुए नज़र आ रहे हैं।तापसी पन्‍नू की फिल्‍म 'दोबारा' को पहले दिन देखने ज्यादा लोग नहीं पहुंचे। जिसके चलते नौबत ये तक आ गई कि थिएटर्स के मालिकों को फिल्म के शो कैंसिल तक करने पड़ गए। सिनेमाघरों में ऑडियंस ऑक्‍यूपेंसी महज 2-3 परसेंट रही। ऐसे में अंदाज़ा लगाना साफ है कि फिल्म की ऑपनिंग बेहद निराश करने वाली रही है। आकड़ों की अगरबात करें तो- फिल्म ने अपनी रिलीज के पहले दिन लगभग 44 से 55 लाख तक कमाए हैं। वहींफिल्म के दूसरे दिन के कलेक्शन की बात करें तो - 30 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने दूसरे दिन भी 70 लाख रुपये का कलेक्शन किया है।फिल्‍म ने दो दिन में कुल 1.40 करोड़ रुपये की कमाई की है।जो बीते हफ्ते रिलीज़ हुई आमिर खान (Aamir Khan) की 'लाल सिंह चड्ढा' (Laal Singh Chaddha) और अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म 'रक्षाबंधन' (Raksha Bandhan) से काफी कम हैं। अब इन दो बड़ी फिल्मों के बाद तापसी की कुछ खास कमाल दिखा पाएगी, ये कहना अब और भी मुश्किल हो गया है। बता दें - 'लाल सिंह चड्ढा' ने पहले दिन फिल्म तकरीबन 11 से 12 करोड़ रुपये के बीच कमाई की थी। वहीं अक्षय की 'रक्षाबंधन' की ने पहले दिन तकरीबन 8 से 9 करोड़ की कमाई की थी।फिल्म में तापसी पन्नू और पवेल गुलाटी लीड रोल में हैं। इस फिल्म से अनुराग कश्यप लंबे समय बाद वापसी कर रहे हैं। लेकिन उनका ये दाव ठंड़ा पड़ता हुआ नज़र आ रहा है। 'दोबारा' स्पैनिश फिल्म ‘मिराज‘ की ऑफिशल रीमेक है। यह फिल्म साल 2018 में रिलीज हुई थी।

मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजKerala: कान्वेंट में नाबालिग लड़कियों के साथ किया जा रहा था यौन शोषण, 4 गिरफ्तार******Highlightsदक्षिण केरल में एक कान्वेंट में घुसकर 4 नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में 4 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ग्रामीण इलाके में स्थित ‘ननरी’ (ननों के रहने की जगह) के पास पुलिस के रात्रि गश्ती दल ने एक दिन पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों के धार्मिक संस्थान में घुसने के मकसद का खुलासा हुआ।आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर, एक महिला पुलिस अधिकारी ने कान्वेंट में जाकर नाबालिग लड़कियों का बयान दर्ज किया जिसमें पता चला कि उनका पिछले कुछ दिनों से यौन शोषण किया जा रहा था। पीड़िताओं के बयान के आधार पर 2 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों पर यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) और IPC की धारा 460 के तहत मामला दर्ज किया गया है।तीन दिन पहले दिल्ली के यमुना खादर वन क्षेत्र में 8 साल की बच्ची का कथित तौर पर अपहरण व बलात्कार करने और फिर उसकी हत्या करने के मामले में सोमवार को 36 वर्षीय एक कसाई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आरोपी ने लड़की का गला काट दिया और उसका चेहरा क्षत-विक्षत कर दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी रिजवान उर्फ बादशाह का जन्म बिहार में हुआ था और वह 20 साल पहले काम के सिलसिले में दिल्ली आया था और वह तुर्कमान गेट इलाके में कसाई का काम करता था।अधिकारियों ने कहा कि कथित तौर पर नशे का आदी रिजवान यमुना खादर में नशा करने जाया करता था। उन्होंने कहा कि 4-5 अगस्त की रात दरियागंज के एक निवासी ने बताया कि वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ घर पर सो रहा था, लेकिन जब सुबह करीब 4बजे वह उठा तो देखा कि उसकी एक बेटी घर से गायब है। पुलिस के अनुसार, पड़ोस में उसकी तलाश करने व उसके न मिलने पर उसने शिकायत दर्ज कराई और IPC की धारा-363 के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया गया। 18 अगस्त को यमुना खादर क्षेत्र में लापता बच्ची का शव मिला, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे।पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा-302 (हत्या) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उपायुक्त (मध्य) श्वेता चौहान ने कहा गुप्त सूचना मिली कि कसाई का काम करने वाला रिजवान उर्फ बादशाह अकसर झुग्गी के पास आता था और उसने टॉफी व अन्य सामान देकर बच्ची से दोस्ती कर ली थी। यह भी पता चला कि घटना के दिन, रिजवान यमुना खादर आया था। रिजवान की तलाश की गई और उसे दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।"पुलिस उपायुक्त ने कहा कि रिजवान ने खुलासा किया कि यमुना खादर इलाके में जाने के दौरान, उसकी बच्ची की मां के साथ घनिष्ठता हो गई थी और उसकी बच्ची से भी अच्छी जान-पहचान थी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने यह भी कहा कि बच्ची ने उसे अपनी मां के साथ अंतरंग स्थिति में देख लिया था और इसलिए, उसने उसे जान से मारने का फैसला किया।मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजPrice Difference : UP में कम राजस्थान में ज्यादा कीमतें? जानिए अलग-अलग राज्यों में क्यों होता है महंगाई में अंतर******HighlightsPrice Difference :जीएसटी लागू होने से पहले जानकार यह कहकर इसकी वकालत करते थे कि जीएसटी लागू होने के बाद 'वन नेशन वन रेट' यानि पूरे देश में एक जैसी कीमतें होंगे। लेकिन जीएसटी लागू होने के पांच साल बाद भी भारत में खुदरा मुद्रास्फीति राज्यों में काफी हद तक अलग होती है। हर कोई यही जानना चाहता है कि क्या सरकार या फिर विशेषज्ञों को एक जैसी कीमत होने का दावा गलत है या फिर इसके पीछे कुछ और ही पेंच है। आइए जानते हैं कि यूपी, एमपी या फिर अन्य राज्यों की कीमतों में इतना अंतर क्या आ जाता है।कीमतों में अंतर की वजह यह है कि स्थानीय शुल्कों एवं आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े मसले उपभोक्ता कीमतों में फर्क पैदा करते हैं। जून के महीने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दर तेलंगाना में 10.5 प्रतिशत रही जबकि बिहार में यह सिर्फ 4.7 प्रतिशत रही। इसका राष्ट्रीय औसत 7.01 प्रतिशत था। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यों के बीच मुद्रास्फीति के इस फर्क के लिए परिवहन लागत, राज्य सरकारों की अलग-अलग कर नीतियों और आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता जैसे कारकों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।नवीनतम सीपीआई आंकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश और हरियाणा समेत कुछ राज्यों में मुद्रास्फीति आठ प्रतिशत से अधिक रही। राष्ट्रीय औसत से ज्यादा मुद्रास्फीति वाले राज्यों में असम, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान और पश्चिम बंगाल भी शामिल थे। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू- कश्मीर में भी मुद्रास्फीति 7.2 प्रतिशत थी। वहीं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, झारखंड और छत्तीसगढ़ में मुद्रास्फीति जून के महीने में राष्ट्रीय औसत से कम थी। तमिलनाडु, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और केरल में तो खुदरा मुद्रास्फीति छह प्रतिशत से भी कम रही।ऑल इंडिया कनफेडरेशन ऑफ गुड्स व्हीकल ओनर्स एसोसिएशन के महासचिव राजिंदर सिंह ने कहा कि परिवहन लागत का 40-60 प्रतिशत हिस्सा डीजल का होता है। ऐसे में डीजल के दाम ऊंचे रहने का सीधा असर उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘परिवहन लागत निर्धारित करने में टोल एक और अहम कारक है। एक मार्ग पर टोल प्लाजा की संख्या जितनी अधिक होगी, आपूर्ति की लागत उतनी ही ज्यादा हो जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि सब्जी जैसी जल्द खराब होने वाली चीजों के परिवहन के लिए वाहन मालिक दोनों तरफ का किराया वसूलते हैं जबकि लंबी दूरी के लिए केवल एकतरफा किराया ही लिया जाता है।उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मुख्य अर्थशास्त्री एस पी शर्मा ने कहा कि मुद्रास्फीति में राज्यों के बीच की भिन्नता मूलतः राज्यों की अलग आर्थिक गतिशीलता और नीतिगत परिवेश विशिष्टताओं से जुड़ी हुई है। शर्मा ने कहा, ‘‘कुछ राज्यों में पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाले शुल्क में भिन्नता होने से कीमतों पर ज्यादा दबाव देखा जा रहा है। राज्यों के बीच ईंधन शुल्क में फर्क होने से राज्यों की मुद्रास्फीति पर ईंधन कीमतों का असर भी अलग-अलग होता है।’’एक और अहम बिंदु यह है कि राज्यों में ग्रामीण मुद्रास्फीति का फर्क अधिक होता है और लगभग सभी राज्यों में यह अमूमन शहरी मुद्रास्फीति से अधिक होती है। ग्रामीण भारत के गैर-सरकारी संगठनों के महासंघ (सीएनआरआई) के महासचिव और हाल ही में गठित एमएसपी समिति के सदस्य विनोद आनंद ने कहा कि मुद्रास्फीति की भिन्नता राज्यों में जीवनयापन की लागत पर भी निर्भर करती है जो राज्य सरकार के नेतृत्व और नीतियों से तय होती है। इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दक्षता भी संभावित कारणों में से एक है।

Good News: मुर्गे के अपशिष्‍ट से बना डीजल बिक रहा है 36 रुपये लीटर, देता है 38 किलोमीटर से ज्‍यादा का माइलेज

मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजहोम लोन महंगा होने से घर की बिक्री पर नहीं कोई असर, त्योहारी सीजन में आ सकती है मांग में वृद्धि****** महंगा होने और संपत्तियों के दाम बढ़ने के बावजूद देश के टॉप सात शहरों में इस साल आवासीय इकाइयों की बिक्री के पूर्व-महामारी स्तर से आगे निकल जाने की संभावना है। एक्सपर्ट का मानना ​​है कि पिछले छह वर्षों में नोटबंदी, रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के गठन, जीएसटी लागू होने और कोविड-19 महामारी जैसी लगातार चार बाधाएं आने के बाद देश का आवासीय बाजार बहुत सारे संरचनात्मक परिवर्तनों से गुजर रहा है और अब एक लंबी अवधि के वृद्धि की शुरुआत हो रही है। आरबीआई की तरफ से नीतिगत रेपो दर में इस साल कुल 1.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने और बैंकों की तरफ से इसका बोझ होम लोन लेने वाले कर्जदारों पर डालने से घरों की बिक्री की गति धीमी हुई है। इसके अलावा आवासीय इकाइयों की कीमतों में बीते एक साल में दर्ज की गई उच्च वृद्धि ने भी कई लोगों को घर खरीद की योजना टालने के लिए मजबूर किया है। निर्माण की उच्च लागत, खासकर सीमेंट और इस्पात की लागत बढ़ने के कारण जून तिमाही में कीमतों में सालाना आधार पर औसतन पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई। लेकिन डेवलपरों और ब्रोकरों का मानना ​​है कि लागत में वृद्धि अल्पकालिक है और त्योहारी सीजन से मांग में एक बार फिर तेजी आएगी।संपत्ति सलाहकार फर्म एनारॉक ने कहा कि इस साल देश के सात प्रमुख शहरों- दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में आवासीय इकाइयों की बिक्री कोविड-पूर्व स्तर यानी 2019 में दर्ज की गई 2,61,358 इकाइयों को पार कर जाएगी। हालांकि फिर भी बिक्री वर्ष 2014 के 3.43 लाख इकाइयों के आंकड़े से कम होगी। एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि रेपो रेट में बढ़ोतरी का जून तिमाही में आवास की बिक्री पर कुछ असर पड़ा है, जो पिछली तिमाही से 15 फीसदी कम है।मैक्रोटेक डेवलपर्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अभिषेक लोढ़ा ने कहा कि भारत का रियल स्टेट संरचनात्मक उत्थान के शुरुआती दौर में है। उन्होंने अगले 10-20 वर्षों के लिए विकास पर आशावादी नजरिया रखते हुए कहा कि आवास की कीमतों में मामूली वृद्धि बाजार के लिए अच्छी है। लोढ़ा ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा, "ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि आवास ऋण पर 8.5-9 प्रतिशत ब्याज दरों तक आवास की मांग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। गोदरेज प्रॉपर्टीज के कार्यकारी चेयरमैन पिरोजशा गोदरेज ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बाजार में सबसे अच्छी किफायत देखी गई क्योंकि ब्याज दरें 6.5 से सात प्रतिशत तक कम हो गई थीं।इस दौरान संपत्ति की कीमतें भी पिछले सात-आठ वर्षों से कमोबेश स्थिर बनी हुई थीं। उन्होंने कहा कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी और घरों की कीमतें बढ़ने के बावजूद किफायत स्तर अब भी आकर्षक बना हुआ है। घर खरीदारों की शीर्ष संस्था एफपीसीई के अध्यक्ष अभय उपाध्याय ने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय से चली आ रही मांग अब वास्तविक लेनदेन में परिवर्तित हो रही है। उन्होंने कहा कि आवास बिक्री की गति बरकरार रह सकती है बशर्ते बिल्डर्स समय पर फ्लैट की डिलिवरी के वादों पर खरे उतरें।मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजSpecial Ops 1.5 का ट्रेलर रिलीज से पहले लीक, नीरज पांडे की सीरीज में के के मेनन संग नजर आएंगे आफताब******साल 2020 में आई वेबसीरीज 'स्पेशल ऑप्स' को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर इस सीरीज में हिम्मत सिंह के रोल में के के मेनन को काफी पसंद किया गया। सीरीज हिट रही और अबइस सीरीज को अलग एंगल देकर केवल हिम्मत सिंह के बैक स्टोरी को दिखाने का फैसला लिया है।इसे ‘स्पेशल ऑप्स 1.5’ नाम दिया गया है। कल इस सीरीज का ट्रेलर रिलीज होने वाला था मगर रिलीज से पहले ही ट्रेलर लीक हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।पिछले सीजन में दिखाया गया कि हिम्मत सिंह अपने मिशन की सफलता के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। अब मिनी सीरीज ‘स्पेशल ऑप्स 1.5’ दर्शकों को अतीत में वहां लेकर जाएगा जहां से एक युवा के रॉ एजेंट बनने की शुरुआत हुई थी।नीरज पांडे और शिवम नायर निर्देशित इस सीरीज के नए सीजन का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। लेकिन मंगलवार को पोस्टर रिलीज के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। इंस्टाग्राम पर पोस्टर रिलीज हुआ जिसके जरिए ट्रेलर की रिलीज डेट भी अनाउंस की गई। लेकिन इसके कुछ ही देर बार एक वीडियो लीक हो गया,कहा जा रहा कि ये ‘स्पेशल ऑप्स 1.5’ का ट्रेलर का हिस्सा है। ट्विटर पर भी 'स्पेशल ऑप्स लीक ट्रेंड' कर रहा है। वीडियो देखर लोग काफी हैरान हो रहे हैं।इस वीडियो में के.के मेनन के साथ आफताब शिवदासानी भी नजर आ रहे हैं।हालांकि अभी तक हॉटस्टार के अधिकारियों या इस सीरीज के मेकर्स की तरफ से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं जारी किया गया है। लीक हुआ वीडियो सही है या नहीं इस बात का खुलासा तो तभी हो पाएगा जब ट्रेलर रिलीज होगा। अब देखने वाली बात ये होगी कि बुधवार को ट्रेलर सामने आने के बाद लोगों का रिस्पॉन्स कैसा रहता है।मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 2019-20 में 4.92 प्रतिशत गिरकर 12.33 लाख करोड़ रुपये******direct tax collection dipsनई दिल्ली। वित्त वर्ष 2019-20 में वास्तविक वास्तविक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह (Actual gross Direct tax collection) 4.92 प्रतिशत गिरकर 12.33 लाख करोढ़ रुपये रहा। इसकी प्रमुख वजह कॉरपोरेट कर की दरों में कटौती, मानक कटौती और व्यक्तिगत आयकर की छूट की सीमा बढ़ाया जाना है। आयकर विभाग ने रविवार को कहा कि यदि व्यक्तिगत आयकर और कॉरपोरेट आयकर को पुरानी दरों से वसूला जाता तो 2019-20 के दौरान सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह के आठ प्रतिशत बढ़कर 14.01 लाख करोड़ रुपये हो सकता था। वित्त वर्ष 2018-19 में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 12,97,674 करोड़ रुपये था।केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा, ‘‘2019-20 में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 2018-19 के मुकाबले कम रहा। लेकिन इसकी अनुमान पहले से था। इसकी प्रमुख वजह 2019-20 के दौरान ऐतिहासिक कर सुधार करना है जिसके चलते ज्यादा रिफंड जारी किए गए। वित्त वर्ष 2019-20 में वास्तविक कॉरपोरेट कर संग्रह 6.78 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत आयकर संग्रह 5.55 लाख करोड़ रुपये रहा। इस प्रकार 2019-20 के लिए वास्तविक कर संग्रह 12,33,720 करोड़ रुपय रहा। वित्त वर्ष के दौरान कॉरपोरेट कर की दर में कटौती से 1.45 लाख करोड़ रुपये कर संग्रह में कमी आयी।वहीं व्यक्तिगत आयकर की सीमा पांच लाख रुपये तक बढ़ाने और मानक कटौती की सीमा 50,000 रुपये तक बढ़ाने से भी 23,200 करोड़ रुपये का कर संग्रहम कम हुआ। यदि यह नहीं हुआ होता तो 2019-20 में कॉरपोरेट कर संग्रह 8.23 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत कर संग्रह 5.78 लाख करोड़ रुपये होता। इस तरह सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.01 लाख करोड़ रुपये होता जो 2018-19 के मुकाबले 8.03 प्रतिशत अधिक रहता।सरकार ने पिछले साल सितंबर में किसी तरह की कर छूट इस्तेमाल नहीं करने वाली सभी घरेलू कंपनियों के लिए कर की दर घटाकर 22 प्रतिशत कर दी थी। इस तरह की कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) के भुगतान से भी राहत दी गयी थी। वहीं किसी विशेष कर छूट का लाभ नहीं लेने वाली नयी घरेलू विनिर्माण कंपनियों के लिए कर की दर घटाकर 15 प्रतिशत कर दी गयी थी। इन्हें भ्री मैट से छूट दी गयी थी। जबकि मैट के तहत कर छूटों का लाभ उठाकर कर भुगतान करने वाली कंपनियों के लिए मैट की दर भी 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दी गयी । इसी तरह व्यक्तिगत आयकर से छूट की सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये और मानक कटौती 40,000 रुपये से घटाकर 50,000 रुपये की गयी है।

Good News: मुर्गे के अपशिष्‍ट से बना डीजल बिक रहा है 36 रुपये लीटर, देता है 38 किलोमीटर से ज्‍यादा का माइलेज

मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजक्या भारत की विकास दर में लगेगी इमरजेंसी ब्रेक, एक्यूट रेटिंग ने अपने रिपोर्ट में किया दावा****** ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि भारत की दो अंकों की वार्षिक वृद्धि देखने में तो अच्छी लग रही है लेकिन हाल की स्थिति को देखकर ये कहना मुश्किल है कि ये संभव होगी। रिपोर्ट में वृद्धि दर अनुमान से 2 फीसदी कम होने की जानकारी दी गई है।एक्यूट ने खरीफ चावल की फसल पर बारिश के प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। दुनिया के कई देशों में भी मंदी आने की उम्मीद है। भारत में केंद्र ने शुक्रवार से पर प्रतिबंध लगा दिया है और कमोडिटी के विभिन्न ग्रेडों पर 20 प्रतिशत का निर्यात शुल्क भी लगाया है। अनुमान जताया जा रहा है कि धान की अपर्याप्त बुवाई के चलते ऐसी स्थिति सामने आकर खड़ी हो गई है। मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे चावल वाले राज्यों में खराब बारिश के कारण उत्पादन में कमी आएगी।रिपोर्ट के मुताबिक, पहली तिमाही में टीकाकरण कवरेज ने भारत की जीडीपी को मजबूत बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। घरेलू मांग में वृद्धि देखी गई है लेकिन वो अपेक्षाकृत कम थी। भारतीय स्टेट बैंक के आर्थिक अनुसंधान विभाग की एक शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि हेडलाइन जीडीपी जितना खुलासा करती है उससे कहीं अधिक छुपाती है।रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले दिनों में भारत को लाभ होने की संभावना है क्योंकि चीन नए निवेश इरादों के मामले में धीमा है। 2023 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि 13.5 प्रतिशत थी। इस दर पर भारत के चालू वित्त वर्ष में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था होने की संभावना है। दिलचस्प बात यह है कि वित्त वर्ष 2013 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर का अनुमान वर्तमान में 6.7 प्रतिशत से 7.7 प्रतिशत तक है, जो एक अच्छे संकेत है।"एसबीआई इकोरैप रिपोर्ट (SBI Ecowrap Report) में कहा गया है कि 2014 के बाद से देश द्वारा अपनाए गए रास्ते के कारण भारत की 2029 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है। भारत के सकल घरेलू उत्पाद का हिस्सा अब 3.5 प्रतिशत है, जो 2014 में 2.6 प्रतिशत था और 2027 में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में जर्मनी की वर्तमान हिस्सेदारी के 4 प्रतिशत को पार करने की संभावना है।मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजराजीव गांधी फाउंडेशन में दान देने वालों की लिस्ट, 10 साल तक PMNRF के अलावा कई मंत्रालयों, सरकारी कंपनियों और बैंकों ने दिया है 'दान'****** पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा विवाद पर जारी वाकयुद्ध के बीच भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को एक बार फिर कांग्रेस पर हमला बोला। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि भारत के लोग अपने खून-पसीने की कमाई PMNRF में दान करते थे, जिसे कांग्रेस एक परिवार के फाउंडेशन में डाइवर्ट कर देती थी और लोगों के साथ धोखा करती थी। हालांकि, राजीव गांधी फाउंडेशन की डोनर लिस्ट के मुताबिक, PNRF के अलावा भी कई मंत्रालयों, बैंकों और सरकारी कंपनियों ने यूपीए के 10 साल के शासन के दौरान डोनेशन दिया है। के नेतृत्व वाले यूपीए के 10 सालों के शासन के दौरान राजीव गांधी फाउंडेशन में कई सरकारी कंपनियों और मंत्रालयों ने दान दिया था। फाउंडेशन को देने वाली कुछ प्रमुख कंपनियों और बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एलआईसी, ऑइल इंडिया लिमिटेड, SAIL, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, ओएनजीसी, GAIL एवं अन्य कई नाम शामिल हैं। वहीं, मंत्रालयों की बात करें तो पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं गृह मंत्रालय समेत अन्य कई मंत्रालयों ने भी इस को यूपीए शासन के दौरान दान दिया है।बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट कर कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। नड्डा ने ट्वीट किया, ‘भारत के लोगों ने अपने खून-पसीने की कमाई PMNRF में दान की। कांग्रेस दान की गई धनराशि को एक परिवार के फाउंडेशन में डाइवर्ट कर देती थी और लोगों के साथ धोखा करती थी। यूपीए सरकार में लोग राजीव गांधी फाउंडेशन में दान करते थे जिसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी थीं।’ इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि 2005-06 में राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से 3 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि मिली थी। बता दें कि राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्ष कांग्रेस नेता सोनिया गांधी हैं तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इसके सदस्य हैं।

Good News: मुर्गे के अपशिष्‍ट से बना डीजल बिक रहा है 36 रुपये लीटर, देता है 38 किलोमीटर से ज्‍यादा का माइलेज

मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजVirat Kohli: श्रीलंकाई दिग्गज का विराट कोहली की फॉर्म को लेकर बयान, केएल राहुल पर कहा- उन्हें हो सकती है परेशानी******Highlights भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली का फॉर्म पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। क्रिकेट की दुनिया के कई दिग्गज उन्हें लगातार कई टिप्स भी दे रहे हैं। उसी कड़ी में श्रीलंका के पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने ने कहा कि, भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली बेहतरीन खिलाड़ी हैं और वह लंबे समय से चली आ रही अपनी खराब फॉर्म से उबरने में सक्षम हैं। कोहली और पूर्ण फिटनेस हासिल करने वाले केएल राहुल ने एशिया कप के लिए भारत की 15 सदस्य टीम में वापसी की है।आपको बता दें कि एशिया कप दुबई और शारजाह में 27 अगस्त से 11 सितंबर के बीच खेला जाएगा। कोहली पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। उन्होंने नवंबर 2019 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोई शतक नहीं लगाया है। वह इंग्लैंड दौरे में सभी प्रारूपों की छह पारियों में केवल 76 रन बना पाए थे। उन्होंने इस बीच पिछले साल स्थगित किए गए पांचवें टेस्ट मैच, दो एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच और इतने ही टी20 में भाग लिया था। इस पूर्व कप्तान को वेस्टइंडीज दौरे और जिंबाब्वे के खिलाफ होने वाली वनडे श्रृंखला के लिए विश्राम दिया गया था।जयवर्धने ने ‘आईसीसी रिव्यू’ के कार्यक्रम में कहा, ‘‘विराट अभी जिस दौर से गुजर रहे हैं वह दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन वह बेहतरीन खिलाड़ी हैं। मेरा मानना है कि विराट के पास इस दौर से बाहर निकलने के लिए सभी साधन हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि वह इस खराब दौर से उबरने में सफल रहेगा। फॉर्म अस्थायी होती है जबकि आपका कौशल स्थायी होता है।’’राहुल कोविड-19 के कारण वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 श्रृंखला में नहीं खेल पाए थे। उनकी एशिया कप के लिए उप कप्तान के रूप में वापसी हुई है। जयवर्धने का मानना है कि लंबे समय से मैच नहीं खेलने के कारण राहुल को परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह (राहुल का कम क्रिकेट खेलना) भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है। वह इंडियन प्रीमियर लीग के बाद बाहर थे। ऐसे में उनके लिए क्रीज पर समय बिताना महत्वपूर्ण होगा। उन्हें जितना जल्दी मैच खेलने को मिले और वह जितना समय क्रीज पर बिताते हैं उससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। इससे उन्हें और राष्ट्रीय टीम को फायदा मिलेगा।’’श्रीलंका के पूर्व कप्तान का मानना है कि अगर राहुल वापसी पर प्रभाव नहीं छोड़ पाते हैं तो भारत को रोहित शर्मा के साथ बाएं हाथ के किसी बल्लेबाज विशेषकर ऋषभ पंत को पारी का आगाज करने के लिए भेजना चाहिए। पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में दो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में पारी की शुरुआत की थी। जयवर्धने ने कहा, ‘‘उन्होंने (पंत) भले ही घरेलू स्तर पर पर्याप्त मौकों पर पारी की शुरुआत नहीं की हो लेकिन वह ऐसा करने में सक्षम हैं। वह किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करें आप उनका खेल नहीं बदल सकते। वह आक्रामक खिलाड़ी हैं और पारी का आगाज करने के लिए वह एक विकल्प हो सकते हैं।’’

मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजBigg Boss 15 | मिड वीक एविक्शन का शिकार हुए ये 2 कंटेस्टेंट्स, घरवालों ने ही दिखाया बाहर का रास्ता******देश के सबसे चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस 15 के तीसरे हफ्ते के मंगलवार के एपिसोड में डबल एविक्शन हुआ है। शो से दो कंटेस्टेंट्स - डोनल बिष्ट और विधि पांड्याआउट हो गए हैं। सभी कंटेस्टेंट्स ने आपसी सहमति से इन दो कंटेस्टेंट्स को घर से बेघर करने के लिएनॉमिनेटकिया। कंटेस्टेंट्स के लिए शर्त ये थी कि उन दो कंटेस्टेंट्स का नाम लेना है जिनका शो के प्रति योगदान बाकियों के मुकाबलेकम है। इसके मद्देनजर सभी ने डोनल बिष्ट और विधि पांड्या का नाम लिया।आज बिग बॉस के घर में कंटेस्टेंट्स नेकई नियमों को तोड़ा, मसलन - अंग्रेजी में बात करना, घर में दिन के वक्त सोना इत्यादि। बिग बॉस की तरफ से कई बार हिदायत देने के बावजूद घरवालों ने इन नियमों को ताक पर रख दिया। जिसके बाद घरवालों को सजा के कई चरणों से हो कर गुजरना पड़ा। जिसका दूसरा चरण इन दो कंटेस्टेंट्स का एविक्शन था।सजा के पहले चरण मेंएक्टिविटीज़ को लेकर बिग बॉस ने बड़े की कड़े शब्दों में शो के मौजूदा सभी कंटेस्टेंट्स की निंदा की और बताया जो कंटेस्टेंट्स मेन घर में रहते हुए स्पेशल ट्रीटमेंट पा रहे हैं उनका चैन और आराम अब खो जाएगा। जो कंटेस्टेंट्स मेन घर में रहते थे बिग बॉस के इस फैसले के बाद से वे जंगलवासी बन गए हैं।बिग बॉस के फैसले से सभी घरवालों को जंगल में रहने की सजा को भुगतना पड़ा। हालिया एपिसोडके मुताबिक, बिग बॉस सभी घरवालों से कहते हैं, "बिग बॉस को ये समझ नहीं आ रहा है कि यहां आए 15 इंसानों को खेल के साधारण से नियम क्यों नहीं समझ आते? आपको बार-बार टोका गया सचेत किया गया। अब से आप सब जंगलवाली होंगे। कोई भी कंटेस्टेंट्स घर का मुख्य सदस्य नहीं होगा।"बिग बॉस के इस फैसले के बाद सभी कंटेस्टेंट्स एक दूसरे को इसे लेकर टोकते और इल्जाम लगाते हुए नजर आए।मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजRishi Sunak को टीवी डिबेट में मिला वोटर्स का समर्थन, Boris Johnson को धोखा देने के आरोपों पर भी बोले******Highlights ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद की दौड़ अब दिलचस्प होती जा रही है और गुरुवार की रात भारतीय मूल के उम्मीदवार ऋषि सुनक (Rishi Sunak) के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई होगी। दरअसल, ऋषि सुनक ने टेलीविजन पर हुई आमने-सामने की बहस में कंजर्वेटिव पार्टी की अपनी प्रतिद्वंद्वी लिज ट्रस (Liz Truss) को पछाड़ते हुए दर्शकों का समर्थन हासिल कर लिया। इस टीवी बहस के दौरान ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की पीठ में छुरा घोंपने के आरोपों पर भी जवाब दिया।‘स्काई न्यूज’ पर गुरुवार की रात को ‘बैटल फॉर नंबर 10’ डिबेट में कंजर्वेटिव पार्टी के दोनों उम्मीदवारों ने उन सदस्यों को अपने पाले में करने की कोशिश की, जो चुनाव में वोट डालने के योग्य हैं, लेकिन जिन्होंने अभी यह निर्णय नहीं लिया है कि वे किसे वोट देंगे। पूर्व वित्त मंत्री सुनक और विदेश मंत्री ने इस पर अपनी-अपनी दलीलें रखी कि ‘10 डाउनिंग स्ट्रीट’ में बोरिस जॉनसन के स्थान पर उन्हें क्यों होना चाहिए। बहस में दर्शकों के तौर पर शामिल हुए कंजर्वेटिव सदस्यों को यह बताने के लिए कहा गया कि कौन बहस जीता तथा उन्होंने हाथ उठाकर सुनक के पक्ष में फैसला सुनाया।ऋषि सुनक के लिए यह जीत निश्चित तौर पर हौसला बढ़ाने वाली होगी क्योंकि हाल में हुए ज्यादातर ओपिनियन पोल में वह ट्रस से पीछे चल रहे थे। एक सदस्य और वोटर ने जब सुनक के सामने वोटिंग का डेटा रखते हुए पूछा कि क्या वह किसी भी फेज में पीएम पद की दौड़ से बाहर होने का प्लान बना रहे हैं, सुनक ने ‘नहीं’ में जवाब दिया। सुनक ने कहा कि वह अपने चुनावी कैंपेन के अंतिम दिन तक और एक-एक वोट के लिए लड़ाई लड़ने जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रक्रिया के हर फेज में मुझे व्यापक और सबसे ज्यादा समर्थन मिला है।कंजर्वेटिव पार्टी में मतभेदों के सवाल पर ने कहा, ‘हम सभी एक टीम हैं, हम एक परिवार की तरह हैं, इसके बाद हम एकसाथ होंगे और अगला चुनाव भी जीतेंगे, क्योंकि यही वास्तविक इनाम होगा। कैबिनेट टेबल के चारों ओर बैठे तमाम लोग मेरा समर्थन करते हैं।’ जब एक सदस्य ने सुनक से पूछा कि क्या आप मानते हैं कि आपने अपने फायदे के लिए बोरिस जॉनसन की पीठ में छुरा घोंपा है, भारतीय मूल के कैंडिडेट ने जवाब दिया, ‘मैंने पीएम (Boris Johnson) के साथ 2 साल काम किया था और उन्होंने इस दौरान बहुत ऐसे काम किये हैं, जिसके लिए उन्हें श्रेय दिया जाना चाहिए।’

मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजMaharashtra News: महाराष्ट्र में ढाई लाख ऑटो-टैक्सी चालकों की हड़ताल का ऐलान, ये है वजह******Highlightsमहाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में ढाई लाख से अधिक ऑटो और टैक्सी चालकों ने 31 जुलाई की मध्यरात्रि से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि अपनी कई मांगें लंबित रहने के चलते ऑटो और टैक्सी चालकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है।महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जैसे जिले शामिल हैं। कोंकण विभाग रिक्शा-टैक्सी महासंघ के अध्यक्ष प्रणव पेनकर ने कहा, "राज्य सरकार ने लंबे समय से ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों की लंबित मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया है, इसलिए हमें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का यह कठोर फैसला लेना पड़ा है।"उन्होंने कहा कि ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों की प्रमुख मांगों में से एक किराए में बढ़ोतरी है। सीएनजी की कीमत बढ़ गई है, इसलिए यह जरूरी है। इसके अलावा राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में ऑटोरिक्शा को कई परमिट जारी किए हैं और इसे कम से कम 10 से 15 साल के लिए रोकना चाहिए, क्योंकि यह मौजूदा ऑपरेटरों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।गौरतलब है कि पिछले महीनों में सीएनजी के साथ डीजल-पेट्रोल पर दाम बढ़े हैं। इससे ऑटो-टैक्सी चालकों को को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इनका कहना है कि तेल के दाम में इजाफा होने से किराए में बढ़ोतरी को लेकर कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए अब इन चालकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है।वहीं, बीते दिनों शिवसेना के बागी विधायक उदय सामंत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से तमिलनाडु की तर्ज पर राज्य में ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के कल्याण के लिए एक बोर्ड का गठन करने का आग्रह किया था। सामंत ने शिंदे को लिखे एक पत्र में कहा कि यदि सरकार ऐसा कदम उठाती है, तो इससे लाइसेंसशुदा 8.32 लाख ऑटोरिक्शा और 90,000 टैक्सी चालकों और इन वाहनों के मालिकों को फायदा होगा।उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु में ऑटोरिक्शा चालकों के लिए एक कल्याण योजना है और उन्हें तमिलनाडु मैनुअल वर्कर्स (रोजगार और काम की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 1982 के तहत लाया गया है। शिवसेना विधायक ने कहा, "ऑटो चालकों की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए एक बोर्ड गठित करने का प्रस्ताव 2013 से लंबित है। राज्य सरकार से अनुरोध है कि तमिलनाडु की तर्ज पर ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए एक बोर्ड का गठन किया जाए।"मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजGoa Election 2022: बीजेपी को एक और झटका! विधायक विलरेड डी'सा ने दिया इस्तीफा******Highlights भारतीय जनता पार्टी के एक और विधायक ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। विधायक विलरेड डी'सा ने बुधवार को पार्टी और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले भी बीजेपी के कई विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं। माइकल लोबो ने भी पार्टी छोड़ते वक्त कार्यकर्ताओं की अनदेखी को लेकर आरोप लगाए थे।विलरेड ने स्पीकर के कार्यालय को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद संवाददाताओं से कहा, मैंने एक विधायक के तौर पर और भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। मैं नुवेम विधानसभा क्षेत्र से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगा। इससे साफ हो चुका है कि विलरेड किसी पार्टी के साथ नहीं जुड़ने जा रहे हैं।बता दें, 2017 में कांग्रेस विधायक के रूप में चुने गए विलरेड 10 कांग्रेस विधायकों के साथ अलग हुए थे और फिर 2019 में भाजपा में शामिल हो गए थे। करीब 2 दो साल के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी। हालांकि इनके साथ किसी साथी ने इस्तीफा देने की बात नहीं कही है लेकिन कहा जा रहा है कि इनके समर्थक कार्यकर्ता भी पार्टी छोड़ सकते हैं। इससे बीजेपी को गोवा चुनाव में नुकसान हो सकता है।वहीं पिछले साल दिसंबर में भारतीय जनता पार्टी की विधायक अलीना सल्दान्हा ने पार्टी तथा राज्य विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। साथ ही माइकल लोबो ने भी हाल ही में इस्तीफा दिया। अब माइकल कांग्रेस के साथ जुड़कर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। कांग्रेस की लिस्ट में उनका नाम सामने आ चुका है।

मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजICC U 19 WC, IND vs ENG Match Preview: पांचवीं बार खिताब जीतने पर है भारत की नजर, 24 साल बाद फाइनल में पहुंचा है इंग्लैंड******Highlightsपिछले 14 सीजन में आठ बार फाइनल खेलकर चार खिताब जीत चुकी भारतीय टीम अंडर 19 विश्व कप इतिहास की सबसे कामयाब टीम है और इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को फाइनल में यश धुल की टीम इस दबदबे पर मुहर लगाने के इरादे से उतरेगी। भारत की नजरें रिकॉर्ड पांचवें खिताब पर है और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह मुश्किल भी नहीं लग रहा। दूसरी ओर इंग्लैंड का इरादा भी इतिहास रचने का है और दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है।मैदान से बाहर कोरोना संक्रमण से जूझने के बावजूद भारतीय टीम को फाइनल तक पहुंचने में दिक्कत नहीं आई जो खिलाड़ियों की प्रतिभा और टीम की गहराई की बानगी पेश करती है। कप्तान धुल और उपकप्तान शेख रशीद संक्रमण के कारण तीन में से दो मैच नहीं खेल सके थे। संक्रमित खिलाड़ियों में सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए धुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार शतक जड़ा। वहीं रशीद ने भी 95 रन की पारी खेली।सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी और हरनूर सिंह सेमीफाइनल में चल नहीं सके और फाइनल में उन्हें अत्यधिक रक्षात्मक खेलने से बचना होगा। धुल और रशीद ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब शुरूआत के बाद जिस तरह से पारी को संभाला, उससे उनकी परिपक्वता नजर आई। मौजूदा टीम में से कुछ ही खिलाड़ी सीनियर स्तर पर खेल सकेंगे लेकिन शनिवार को अपने प्रदर्शन से आईपीएल की आगामी मेगा नीलामी के लिये टीमों का ध्यान खींचने में जरूर कामयाब होगा। यानी उनके पास अपनी तकदीर बदलने का यह सुनहरा मौका है।बल्लेबाजी में जहां व्यक्तिगत प्रदर्शन देखने को मिला , वहीं गेंदबाजों ने एक ईकाई के रूप में प्रभावित किया है। राजवर्धन हंगरगेकर और रवि कुमार ने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को परेशान किया तो विकी ओस्तवाल ने स्पिन गेंदबाजी का मोर्चा बखूबी संभाला। वह 10 .75 की औसत से 12 विकेट ले चुके हैं। रशीद ने कहा ,‘‘ हमारी टीम बहुत अच्छी है और हम फाइनल जीतेंगे।’’अंडर 19 सितारों को धुरंधरों से भी काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। 2008 में अंडर 19 टीम के कप्तान के तौर पर विश्व कप जीतने वाले विराट कोहली ने उन्हें बताया कि फाइनल का दबाव कैसे झेलना है। खिताब और भारत के बीच इंग्लैंड की टीम है जो आखिरी बार 1998 में फाइनल में पहुंची थी जब उसने अब तक का एकमात्र खिताब जीता था।अफगानिस्तान के खिलाफ तनावपूर्ण सेमीफाइनल के बाद अब इंग्लैंड की नजरें 24 साल से खिताब का इंतजार खत्म करने पर लगी है। टूर्नामेंट में भारत की तरह की अपराजेय रही टॉम प्रेस्ट की टीम के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। प्रेस्ट अभी तक 73 की औसत से 292 रन बना चुके हैं जबकि तेज गेंदबाज जोशुआ बॉयडेन ने 13 विकेट लिये हैं। भारतीय बल्लेबाजों को कलाई के स्पिनर रेहान अहमद को संभलकर खेलना होगा जो बीच के ओवरों में विकेट ले रहे हैं।फाइनल का नतीजा जो भी हो , भारतीय युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है लेकिन अपने लिये इतने ऊंचे मानदंड कायम करने वाले इन खिलाड़ियों का लक्ष्य अब इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का होगा। यश धुल (कप्तान), हरनूर सिंह, अंगकृष रघुवंशी, शेख रशीद, निशांत सिंधू, सिद्धार्थ यादव, अनीश्वर गौतम, मानव पारख, कौशल ताम्बे, राजवर्धन हंगरगेकर, विकी ओस्तवाल, गर्व सांगवान, दिनेश बाना, आराध्य यादव, राज बावा, वासु वत्स, रवि कुमार।टॉम प्रेस्ट (कप्तान), जॉर्ज बेल, जोशुआ बॉयडेन, एलेक्स होर्टन, रेहान अहमद, जेम्स सेल्स, जॉर्ज थॉमस, थॉमस एस्पिनवाल, नाथन बर्नवेल, जैकब बेथेल, जेम्स कोलेस, विलियम लक्सटन, जेम्स रियू, फतेह सिंह, बेंजामिन क्लिफ।मुर्गेकेअपशिष्‍टसेबनाडीजलबिकरहाहै36रुपयेलीटरदेताहै38किलोमीटरसेज्‍यादाकामाइलेजZaheer Abbas Hospitalized: 'एशियन ब्रैडमैन' कहे जाने वाले पाकिस्तानी दिग्गज की तबीयत बिगड़ी, पूर्व कप्तान ICU में हुए भर्ती******Highlightsपाकिस्तान के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज जहीर अब्बास की अचानक से तबीयत खराब हो गई है। एशियन ब्रैडमैन के नाम से मशहूर अब्बास को कोरोना महामारी की चपेट में आने के बाद लंदन के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया।74 साल के जहीर अब्बास दुबई से लंदन की यात्रा के दौरान कोविड-19 की चपेट में आ गये थे। उन्होंने दर्द की शिकायत की और लंदन पहुंचने के बाद उन्हें निमोनिया भी हो गया था। उन्हें पैडिंगटन के सेंट मैरी अस्पताल में भर्ती कराये जाने के तीन दिन बाद आईसीयू में स्थान्तरित किया गया।पाकिस्तान के स्थानीय न्यूज चैनल जियो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अभी वह डायलिसिस पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं और चिकित्सकों ने उन्हें लोगों से नहीं मिलने की सलाह दी है।उधर जहीर अब्बास के लिए सोशल मीडिया पर दुआओं का दौर भी जारी हो गया है। पूर्व क्रिकेटरों और उनके प्रशंसकों के साथ-साथ मौजूदा समय के क्रिकेटर भी उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं।इंग्लिश कमेंटेटर एलन विलकिंस ने ट्वीट कर लिखा, 'ज़ेड के लिए प्रार्थना करें, बहुत ही प्रतिभाशाली ज़हीर अब्बास, जिन्होंने खेल के इतिहास में बल्लेबाजी को एक कला का रूप दिया है, उनके जैसे बल्लेबाज क्रिकेट के इतिहास में बेहद ही कम हैं जो उनसे मेल खाते हैं।अब्बास के क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने 1969 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने 72 टेस्ट मैचों में 5062 रन और 62 वनडे में 2572 रन बनाये। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 459 मैचों में 34843 रन बनाये, जिसमें 108 शतक और 158 अर्धशतक शामिल हैं। अब्बास फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले पहले एशियाई बल्लेबाज बने थे। उनके अलावा इंग्लैंड के ज्योफ्री बॉयकॉट ऐसे दूसरे बल्लेबाज हुए जिन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 100 शतक लगाए।

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