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बनाना चाहते हैं आइडियल बॉडी तो बस इन तीन बातों का रखें ध्यान, हमेशा नियंत्रित रहेगा वजन
रिलीज़ की तारीख:2022-10-07 04:01:35
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बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनअंडर-19 विश्व कप: फाइनल से पहले रोहित शर्मा ने भेजी भारतीय टीम को शुभकामनाएं******Highlightsभारत के लिमिटेड ओवरों के कप्तान रोहित शर्मा ने शनिवार को अंडर-19 भारतीय टीम को शुभकामनाएं दी हैं। भारत और इंग्लैंड रविवार कोएंटीगुआ के सेंट जॉन्स में सर विवियन रिचर्डस क्रिकेट स्टेडियम में अंडर-19 विश्व कप का फाइनल खेलेंगे। रोहित ने कहा, "सबसे पहले, मैं उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं। उन्होंने फाइनल में पहुंचने के लिए शानदार प्रदर्शन किया है, इसलिए मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। मैं उनके साथ बेंगलुरु में था और वे अभ्यास कर रहे थे। वहां टीम ने वास्तव में कठिन अभ्यास किया था। उन्होंने उस एशिया कप के लिए दुबई जाने से पहले विशिष्ट अभ्यास किया और फिर विश्व कप खेलने चले गए।"शर्मा ने रविवार से शुरू होने वाली एकदिवसीय श्रृंखला से पहले एक आभासी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में यश ढुल एंड कंपनी के साथ अपनी बातचीत के बारे में बात करते हुए शर्मा ने कहा, "मैंने उनके साथ विश्व कप खेलने के अपने अनुभव को साझा करने के बारे में बात की थी। जैसे, एशिया कप में विभिन्न विरोधियों के खिलाफ कैसे खेल खेला जाए।"टूर्नामेंट के 2006 के सीजन में फाइनल में पहुंचने वाली भारत की अंडर-19 टीम के सदस्य शर्मा ने आगे टिप्पणी की, "मैं उनसे बात कर रहा था कि आप विभिन्न विरोधियों के खिलाफ अपने खेल की योजना कैसे बना सकते हैं। मैंने उन्हें बताया कि इस पल का आनंद उठाएं क्योंकि हर रोज आप फाइनल में नहीं पहुंचते हैं और विश्व कप फाइनल में नहीं खेलते हैं। इसलिए, जब आपके पास अवसर हो, तो पहले इसका आनंद लें और फिर इसे अपना सर्वश्रेष्ठ दें। वे जिस तरह की क्रिकेट खेल रहे हैं, हमारे पास विश्व कप जीतने का एक बड़ा मौका है और मैं उन्हें पूरी टीम की ओर से शुभकामनाएं दे सकता हूं।"यश ढुल की अगुआई में भारतीय टीम अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका, आयरलैंड, युगांडा, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया पर जीत के साथ फाइनल में पहुंची, जबकि टूर्नामेंट में कुछ खिलाड़ी कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे।अगर भारत फाइनल जीतता है, तो ढुल मोहम्मद कैफ (2000), विराट कोहली (2008), उन्मुक्त चंद (2012) और पृथ्वी शॉ (2018) के साथ देश के अंडर-19 विश्व कप विजेता कप्तानों की एक विशेष सूची में शामिल हो जाएंगे।

बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनसेंसेक्स 232 अंक चढ़कर 36,212 पर हुआ बंद, निफ्टी ने भी किया 10,850 का स्‍तर पार******bse sensexशेयर बाजारों में बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी का सिलसिला जारी रहा और 232 अंक की बढ़त के साथ 36,000 अंक के स्तर को पार कर गया। अमेरिका और चीन के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं में विवादों के समाधान की उम्मीद से वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान का स्थानीय बाजार पर भी अनुकूल असर दिखा।कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों की लिवाली से भी तेजी के रुख को समर्थन मिला। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 36,181.37 अंक पर बढ़त के साथ खुला और यह दिन के उच्चस्तर 36,250.54 अंक पर पहुंचा। अंत में सेंसेक्स 231.98 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 36,212.91 अंक पर बंद हुआ।इससे पिछले तीन सत्रों में सेंसेक्स 467 अंक चढ़ा था।नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 53 अंक या 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,855.15 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 10,870.40 से 10,749.40 अंक के दायरे में रहा।सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक, आईटीसी, टाटा मोटर्स, भारती एयरटेल, एचडीएफसी, इंडसइंड बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, मारुति, आईसीआईसीआई बैंक 2.94 प्रतिशत तक चढ़ गए।वहीं दूसरी ओर यस बैंक, टाटा स्टील, हीरो मोटोकॉर्प, ओएनजीसी, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, एचसीएल टेक और टीसीएस के शेयरों में 3.07 प्रतिशत तक का नुकसान रहा।विश्वबैंक का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहेगी। अगले दो वित्त वर्षों में यह 7.5 प्रतिशत रहेगी। कारोबारियों ने कहा कि इससे भी बाजार की धारणा में सुधार हुआ।इस बीच, शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार घरेलू संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 698.17 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। वहीं विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 553.78 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनRussia Ukraine News: तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर दुनिया? रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल हुई इस देश की सेना******Highlights यूक्रेन पर रूस के हमले का आज छठा दिन है। अब हालात जैसे बन रहे है क्योंकि बेलारूस की सेना भी अब सीधे तौर पर रूस के साथ युद्ध में शामिल हो गई है। यूक्रेन के उत्तर पूर्वी क्षेत्र चर्नीहीव में बेलारूसी सेना दाखिल हो गई है। बता दें कि बेलारूस, रूस का सहयोगी देश है। साथ ही बेलारूस यूक्रेन के साथ अपनी सीमा पर अधिक अतिरिक्त बलों को तैनात कर रहा है। के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने आदेश दिया है कि उनका देश इस तनावपूर्ण हालात में यूक्रेन से लगी अपनी सीमाओं पर सुरक्षाबलों की संख्या को बढ़ा रहा है। बेलारूसी सैनिकों के यूक्रेन के चर्नीहीव क्षेत्र में दाखिल होने की उत्तर प्रादेशिक रक्षा बलों के प्रवक्ता विटाली क्यारीलोव ने पुष्टि की है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अब यूक्रेन के सीमावर्ती इलाकों पर रूस जल्द अपने कब्जे में लेने जा रहा है।बता दें कि कीव पर कब्ज़े के लिए रूस ने यूक्रेन के पड़ोसी देश बेलारूस की तरफ़ से पहला हमला बोला था लेकिन, जब कई दिनों की बमबारी के बाद भी बेलारूस से चली रूसी टुकड़ी, कीव पर कंट्रोल नहीं कर पाई, तो रूस के वेस्टर्न बॉर्डर पर तैनात सैनिक टुकड़ियों को भी कीव मार्च का ऑर्डर दे दिया गया। रशियन कमांडर्स को उम्मीद थी कि पूर्वी यूक्रेन और साउथ में क्राइमिया से चली उसकी सैनिक टुकड़ियां तेज़ी से कामयाबी हासिल करते हुए कीव पहुंच जाएंगी पर जब छह दिनों की जंग के बाद भी ऐसा नहीं हो सका, तो अब कीव के लिए अब तक के सबसे बड़े रशियन काफ़िले ने आक्रमण की तैयारी शुरू कर दी। रूसी सेना का ये काफ़िला बेलारूस से निकला है।वहीं, आपको बता दें कि आज रूसी सेना ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर ख़ारकीव पर भारी बमबारी की लेकिन, उससे भी ज़्यादा डराने वाली ख़बरें और तस्वीरें, यूक्रेन की राजधानी कीव से आई हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चल रहा है कि रूसी सेना का एक विशाल काफ़िला, कीव की तरफ़ तेज़ी से बढ़ रहा है। रूस का ये काफ़िला क़रीब 64 किलोमीटर लंबा बताया जा रहा है और ये कीव से महज़ पंद्रह बीस किलोमीटर दूर है। कीव के दोनों एयरपोर्ट पर रूस का क़ब्ज़ा है। वहीं ख़बर ये भी है कि रूस ने एक भाड़े की सेना के 400 लड़ाके, यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को मारने के लिए यूक्रेन भेज दिए हैं। राजधानी कीव में इस समय हवाई हमले के सायरन और एंबुलेंस के हॉर्न ही सुनाई दे रहे हैं।

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बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनसाउथ अफ्रीका में हुआ जन्म, नीदरलैंड के लिए किया डेब्यू; अब न्यूजीलैंड की टीम में हुआ इस क्रिकेटर का सेलेक्शन******Highlightsक्रिकेट जगत में कई ऐसे खिलाड़ी देखने को मिले हैं जिन्होंने एक से ज्यादा देशों के लिए क्रिकेट खेला है। जीता जागता उदाहरण हैं इंग्लैंड के मौजूदा व्हाइट बॉल कैप्टेन इयोन मॉर्गन। लेकिन इस सूची में अब एक नाम और जुड़ गया है। यह नाम है बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज माइकल रिपन (Michael Rippon) का। 30 वर्षीय रिपन 4 महीने के अंदर दूसरी टीम के खिलाफ खेलते नजर आएंगे।माइकल रिपन का जन्म 14 सितंबर 1991 को साउथ अफ्रीका के केपटाउन में हुआ था। इसके बाद उन्होंने अप्रैल 2013 में नीदरलैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया। लेकिन अब उनका चयन न्यूजीलैंड क्रिकेट की टी20 टीम में हो गया है। आपको बता दें कीवी टीम आगामी दिनों में आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड के खिलाफ व्हाइट बॉल सीरीज खेलेगी। इस सीरीज के लिए टीम का चयन किया गया है। सबसे खास नाम कीवी टी20 टीम में दिखा माइकल रिपन का।माइकल रिपन अब अपनी उसी टीम के खिलाफ खेलते नजर आएंगे जिसके लिए उन्होंने टी20 व वनडे क्रिकेट खेलना शुरू किया था। न्यूजीलैंड 4 अगस्त और 6 अगस्त को नीदरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी। इस सीरीज के लिए रिपन कीवी टीम का हिस्सा हैं। 4 अप्रैल को इसी साल वह न्यूजीलैंड के खिलाफ नीदरलैंड के लिए खेले थे लेकिन अब 4 अगस्त को वह न्यूजीलैंड की ही जर्सी में नीदरलैंड के खिलाफ दिखेंगे।माइकल रिपन बाएं हाथ के स्पिनर होने के साथ-साथ बल्लेबाजी करना भी जानते हैं। उन्होंने नीदरलैंड के लिए 9 वनडे और 18 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। एकदिवसीय क्रिकेट में उनके नाम 180 रनों के साथ 13 विकेट दर्ज हैं। वहीं टी20 क्रिकेट में रिपन 216 रन बनाकर 15 विकेट अपने नाम कर चुके हैं। अब वह नारंगी नहीं बल्की काली जर्सी में न्यूजीलैंड के लिए जलवा बिखेरते नजर आएंगे। इससे पहले नीदरलैंड के ही डर्क नैनिस भी ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल चुके हैं।टाम लाथम (कप्तान), फिन एलन, माइकबल ब्रेसवेल, डेन क्लीवर, जैकब डफी, लोकी फर्ग्यूसन, मार्टिन गुप्टिल, मैट हेनरी, एडम मिल्ने, हेनरी निकोल्स, ग्लेन फिलिप, मिचेल सैंटनर, ईश सोढी, ब्लेयर टिकनर, विल यंग।टाम लाथम (कप्तान), फिन एलन, माइकबल ब्रेसवेल, डेन क्लीवर, जैकब डफी, लोकी फर्ग्यूसन, मार्टिन गुप्टिल, मैट हेनरी, एडम मिल्ने, हेनरी निकोल्स, ग्लेन फिलिप, मिचेल सैंटनर, ईश सोढी, ब्लेयर टिकनर, विल यंग।मार्क चैपमैन, डेरेल मिचेल, जेम्स नीशम माइकल रिपन और बेन सियर्स।बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनगंगा नदी के लिए 112 दिन से अनशन कर रहे स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद का निधन****** में खनन बंद करने की मांग को लेकर लंबे समय से हरिद्वार में अनशन कर रहे जाने माने पर्यावरणविद प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद का गुरूवार को यहां एकअस्पताल में निधन हो गया।यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सूत्रों ने बताया कि स्वामी सानंद ने आज दोपहर करीब दो बजे अंतिम सांस ली। हरिद्वार स्थित मातृ सदन के संत ज्ञानांन्द से दीक्षा लेने वाले स्वामी सानंद कोगत नौ अक्टूबर को उनके अनशन स्थल हरिद्वार से उठा कर प्रशासन ने एम्स, ऋषिकेश में भर्ती कराया था। प्रोफेसर जी डी अग्रवाल 22 जून यानि लगभग 112 दिन से गंगा नदी के लिए अनशन कर रहे थे।उन्होंने 9 अक्तूबर को जल भी त्याग दिया था।बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनAmerica News: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन आज यूक्रेन को '3 अरब डॉलर' की अतिरिक्त सैन्य सहायता देने की कर सकते हैं घोषणा******Highlightsबाइडन प्रशासन बुधवार को यूक्रेन की सेनाओं को लगभग तीन अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता जारी करने की घोषणा कर सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि आने वाले सालों में यूक्रेन के सैनिकों को लड़ाई के लिए प्रशिक्षित करने के वास्ते यह राशि जारी की जा सकती है। अधिकारियों ने कहा कि इस पैकेज को तीन प्रकार के ड्रोन तथा अन्य हथियार और उपकरणों के अनुबंधों पर खर्च किया जा सकेगा जिनका इस्तेमाल संभवतः साल-दो साल बाद होने की उम्मीद है। यूक्रेन सुरक्षा सहायता पहल के तहत दिए जा रहे पैकेज की कुल राशि में थोड़ा बदलाव हो सकता है। अधिकारियों ने कहा कि इसमें छोटे, हाथ से चलाए जा सकने वाले प्यूमा ड्रोन, लंबी दूरी के स्कैन ईगल निगरानी ड्रोन और पोत से छोड़े जा सकने वाले ब्रिटिश वैम्पायर ड्रोन प्रणाली खरीदने के लिए धन दिया जाएगा।भविष्य में यूरोप में अधिक अमेरिकी सैन्य सैनिकों को भी रखा जाएगाअमेरिका द्वारा यूक्रेन को दी जाने वाले इस आर्थिक सहायता के बारे में सार्वजनिक रूप से सूचना जारी होने से पहले कई अधिकारियों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले जारी हैं और ऐसे में अमेरिकी सुरक्षा सहायता एक लंबी अवधि के अभियान में तब्दील हो रही है जिसके तहत भविष्य में यूरोप में अधिक अमेरिकी सैन्य सैनिकों को भी रखा जाएगा।बड़े पैमाने पर मिलेगी मददबुधवार को यूक्रेन में, उसके स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अवकाश है और बुधवार को ही उस पर रूसी हमले शुरू होने के छह माह पूरे हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर पिछले पैकेजों के विपरीत, नए वित्त पोषण का उद्देश्य यूक्रेन को उसकी मध्यम से दीर्घकालिक रक्षा व्यवस्था को सुरक्षित रखने में बड़े पैमाने पर मदद करना है।

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बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनJammu and Kashmir: पंपोर में SI फारूक अहमद मीर की हत्या, आतंकियों ने गोलियों से छलनी किया शरीर******Highlightsदक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के पंपोर इलाके में एक गोलियों से छलनी शव मिला है। ये शव एक पुलिस सब इंस्पेक्टर का है। इस खबर की जानकारी मिलते ही आस-पास के इलाके में हड़कंप मच गया है।इस घटना को आतंकियों ने अंजाम दिया है।लोकल पुलिस मौके पर पहुंच गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृत शव फारूक अहमद मीर पुत्र अब गनी मीर का है, जोकि संबूरा (पंपोर) के निवासी थे।पुलिस ने बताया है कि शव धान के खेत में मिला है और शव पर गोली के निशान हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, एसआई फारूक लेथपोरा में 23 बीएन आईआरपी में ओएसआई के रूप में सेवाएं दे रहे थे।मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात की आशंका है कि पहले एसआई का अपहरण किया गया, फिर सुनसान इलाके में ले जाकर उनकी हत्या कर दी गई। हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता है।2 महीने में टारगेट किलिंग के 6 मामलेकश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है लेकिन आतंकी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। सुरक्षाबलों की कार्रवाई से आतंकी बौखलाए हुए हैं और हमलों की साजिश रचते रहते हैं। बीते 2 महीनों में हाइब्रिड आतंकियों ने टारगेट किलिंग के 6 मामलों को अंजाम दिया है। इनमें से ज्यादातर आतंकी लश्कर ए तैयबा से जुड़े हैं।हालांकि सुरक्षाबल भी आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। बीते दिनों ही जवानों ने लश्कर के 6 आतंकियों को ढेर कर दिया था। जवानों ने बैंक मैनेजर विजय कुमार की हत्या में शामिल आतंकी को भी मौत के घाट उतार दिया था।आतंकियों के खिलाफ ये ताबड़तोड़ कार्रवाई आतंक के आकाओं को रास नहीं आ रही है और वह सीमा पार से बैठकर आतंकी हमलों की साजिश रच रहे हैं।(रिपोर्ट: मंजूर मीर)बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनUttar Pradesh: कानपुर में नहीं पाल सकेंगे इन 2 ब्रीड्स के डॉगी, पार्क में टहलने पर देने होंगे पैसे******Highlights कानपुर नगर निगम की शनिवार को बैठक हुई। इस दौरान कई फैसले लिए गए। जिनमें से कुछ ऐसे प्रस्ताव पास हुए जिसपर जमकर हंगामा हुआ। लेकिन हंगामे के बावजूद वे प्रस्ताव पास हो गए। नगर निगम में पारित प्रस्ताव के तहत अब कानपुरवासी अपने घरों में पिटबुल और रॉटविलर ब्रीड के कुत्ते नहीं पाल सकते हैं।कानपुर नगर निगम सदन की कार्यवाही में प्रस्ताव पारित करके कुत्तों की खतरनाक ब्रीड माने जाने वाली 2 ब्रीड को पालने पर रोक लगा दी है। अब कानपुर में पिटबुल और रॉटविलर को पालते हुए पकड़े जाने पर 5 हजार रुपए जुर्माना देना होगा। साथ ही कुत्ता भी जब्त कर लिया जाएगा।इसके साथ ही सदन में प्रस्ताव पारित करके फूलबाग स्थित नानाराव पार्क टहलने पर शुल्क लगा दिया गया है। हालांकि सुबह और शाम टहलने वालों को कोई शुल्क नहीं चुकाना होगा। लेकिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे अगर आप नानाराव पार्क में जाते हैं तो आपको इसके लिए शुल्क चुकाना होगा। प्रशासन पार्क में आने वाले बच्चों से 5 रुपए और बड़ों से 10 रुपए शुल्क वसूलेगा। इसको लेकर सदन में महापौर प्रमिला पांडेय और सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी के बीच जोरदार बहस हुई थी और सदन में काफी हंगामा भी हुआ था।शनिवार को कानपुर नगर निगम के सदन की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला। सपा के विधायक, पार्षद और भाजपा पार्षद एक-दूसरे से भिड़ गए। सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने भाजपा पार्षदों से कहा, डैडी नहीं हो तुम हमारे। तानाशाही नहीं चलेगी।'' जवाब में महापौर प्रमिला पांडेय बोलीं, ''विधायकी का बहुत घमंड है। सपा विधायक गुंडे हैं।''करीब आधे घंटे तक तू-तू, मैं-मैं और नोकझोंक हुई। पार्षदों ने विधायकों के सदन से बहिष्कार की मांग की। हंगामे को देखते हुए सुरक्षाकर्मी भी पहुंच गए। इसके बाद भी हंगामा जारी रहा। महापौर गुस्से में सदन छोड़कर चली गईं।

बनाना चाहते हैं आइडियल बॉडी तो बस इन तीन बातों का रखें ध्यान, हमेशा नियंत्रित रहेगा वजन

बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनIran Nuclear Deal: न्यूक्लियर डील को लेकर 'गंभीर' हुआ ईरान, रायसी ने मांगी गारंटी, आखिर क्या है ये समझौता जिसे छोड़कर भागा था अमेरिका?******Highlights ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने बुधवार को कहा कि उनका देश परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने वाले समझौते को बहाल करने को लेकर ‘गंभीर’ है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी समझौते पर पहुंचने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता पर भरोसा किया जा सकता है? अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओबामा प्रशासन की मध्यस्थता से हुए समझौते से 2018 में अमेरिका को अलग कर लिया था। इसके बाद ईरान ने समझौते के तहत परमाणु संवर्धन पर लगाई गई सीमा का पालन करना छोड़ दिया।ईरानी राष्ट्रपति रायसी ने ऐसे वक्त पर संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया है, जब परमाणु समझौते को लेकर बातचीत निर्णायक चरण में पहुंच गई है। रायसी ने कहा, 'हमारी एक ही इच्छा है कि प्रतिबद्धाताओं का पालन किया जाए।' उन्होंने रेखांकित किया कि समझौते से अमेरिका अलग हुआ था न कि ईरान। उन्होंने सवाल किया कि क्या ईरान बिना गारंटी और आश्वासनों के इस बात पर भरोसा कर सकता है कि अमेरिका इस बार अपनी प्रतिबद्धाताओं को पूरा करेगा? यूरोपीय संघ (ईयू) के अधिकारियों ने आगाह किया है कि समझौते को बचाने का वक्त निकला जा रहा है।साल 2015 का यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाता था और इसके बदले में ईरान को उस पर लगाए गए प्रतिबंधों से राहत दी गई थी। रायसी ने यह भी कहा कि ईरान की परमाणु गतिविधियों की एक तरफा जांच की जाती है जबकि अन्य राष्ट्रों के परमाणु कार्यक्रम गोपनीय रहते हैं। वह इजरायल के संदर्भ में यह बात कह रहे थे। उन्होंने महासभा में मौजूद विश्व नेताओं से यह भी कहा कि ईरान सभी पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते चाहता है। उनका इशारा सऊदी अरब और अन्य अरब देशों की ओर था, जिनके साथ ईरान के रिश्ते अच्छे नहीं हैं।हालांकि अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद सऊदी अरब और ईरान ने कई बार सीधे बातचीत की है लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव अब भी बना हुआ है। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने हाल में तेहरान स्थित अपना दूतावास फिर से खोल लिया और वहां अपना राजदूत भी भेज दिया है। रायसी ने ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों की भी निंदा की है। उनका कहना है कि ये ईरान के लोगों को दंडित करना है।अमेरिका ने कहा है कि ईरान 2015 के परमाणु समझौते से परे जाकर ‘अस्वीकार्य मांग’ कर रहा है। ईरान ने 2015 में अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, रूस और चीन के साथ परमाणु समझौता किया था। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 में समझौते से अमेरिका के हटने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, 'ईरान समझौते का दिल एक कोरी कल्पना है, जो कहता है कि ये हत्यारा शासन केवल शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम चाहता है। निश्चित प्रमाण हैं कि ईरान का ये वादा झूठा है।'इसके बाद से ईरान ने एक बार फिर अपने परमाणु कार्यक्रम का विस्तार करना शुरू कर दिया था। इससे पहले इस मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि अमेरिका बेपटरी हुए परमाणु समझौते के लिए ईरान की ‘हमेशा प्रतीक्षा नहीं करेगा।’

बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनगोवा: BJP में सामने आ रही अंदरूनी कलह, विश्वजीत राणे के साथ नज़र आ रहे हैं जीते हुए विधायक******Highlightsगोवा में भले ही भारतीय जनता पार्टी की 20 सीटों के साथ बहुमत की सरकार बन गई हो, लेकिन पार्टी की अंदरूनी कलह अभी पूरी तरह खत्म होती नजर नहीं आ रही है। कल देर रात सीएम पद में इच्छुक विधायक और गोवा के पूर्व सीएम प्रताप सिंह राणे के बेटे विश्वजीत राणे अचानक राज्यपाल को मिलने पहुंच गए। हालांकि बाद में विश्वजीत ने इसे महज एक अनौपचारिक मुलाकात बताया था।वहीं, आज गोवा के कुछ अखबारों में विश्वजीत राणे की पत्नी जोपरवेम विधानसभा सीट से गोवा में सबसे ज्यादा मतों के अंतर से जीतकर आई है को लेकर फुल पेज विज्ञापन छपा है। जिसमें लिखा है 'गोवा के इतिहास में ऐसा कभी नहीं, गोवा राज्य की स्थापना से लेकर अब तक ऐसा नहीं हुआ कि कोई उम्मीदवार किसी भी पार्टी का 13 हजार 943 वोट के अंतर से जीत दर्ज करे। परवेम से बीजेपी उम्मीदवार दिव्य विश्वजीत राणे ने ये कीर्तिमान हासिल किया है, महिला शक्ति का उदय हुआ है।'ये दोनों घटनाएं यानी पति विश्वजीत राणे का राज्यपाल से मिलना और पत्नी का आज अखबारों में विज्ञापन डलवाना दोनों महज संयोग नहीं है, 2019 में भी जब मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद गोवा में नया मुख्यमंत्री बनाया जा रहा था तब प्रमोद सावंत के सामने विश्वजीत राणे ने अपनी दावेदारी पेश की थी। बाद में विश्वजीत को हेल्थ मंत्री बनाया गया।विश्वजीत राणे 2017 में मनोहर पर्रिकर के कहने पर 17 सीटों वाली कोंग्रेस छोड़कर बीजेपी में आ गए थे। तब बीजेपी की महज 13 सीट ही थी। विश्वजीत के पिता प्रताप सिंह राणे कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं और 9 बार लगातार विधायक रह चुके हैं और 3 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। विश्वजीत के अलावा कल रात तीसरी बार विधायक बने बाबुश मोंसेरेट ने भी कल रात बीजेपी विधायक गोविंद गावड़े और कुछ विधायकों के साथ एक होटल में बैठक करने पहुंच गए। हालांकि बाबुश का भी कहना है कि ये दोस्त विधायको की मीटिंग थी और कुछ नहीं, इसका सरकार बनाने से कोई लेना देना नहीं।बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनDelhi News: घर पहुंची बहन तो बेड पर मिला दिव्यांग भाई का शव, देखभाल के लिए रखे नौकर ने की हत्या******Highlightsदक्षिणी दिल्ली के इलाके में नाबालिग नौकर ने दिव्यांग लड़के की बेरहमी से हत्या कर दी और घर में लूटपाट को अंजाम देकर फरार हो गया। आरोपी को तीन महीने पहले ही काम पर रखा था। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने हत्या के आरोप में पुलिस ने 17 साल के लड़के को अरेस्ट किया है जो वहां घरेलू नौकर के रूप में काम करता था।पुलिस के अनुसार दिव्यांग लड़के की उस समय हत्या कर दी गई जब उसने नौकर को सामान चुराते देखा और शोर मचाया। उस वक्त उसके माता-पिता एक मंदिर गए हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि युवक की देखभाल के लिए नियुक्त नौकर ने पुलिस को बताया कि वह अपने काम को लेकर अपमानित महसूस करता था और यह काम छोड़ना चाहता था। उन्होंने कहा कि जाने से पहले पैसे जुटाने के लिए उसने घर लूटने की योजना बनाई। पुलिस ने कहा कि नौकर हिंदी फिल्म ‘‘तू चोर मैं सिपाही" से प्रेरित था और उसने मौके पर काले रंग का दस्ताना भी छोड़ा था, जैसा कि फिल्म में भी दिखाया गया है।यह घटना बुधवार को सफदरजंग डेवलेपमेंट एरिया में हुई। पुलिस को शाम करीब 5 बजकर 5 मिनट पर घटना की सूचना मिली। मौका-ए-वारदात पर पहुंचने पर युवक बिस्तर पर अचेत पड़ा मिला। पूछताछ के दौरान पीड़ित की बहन ने बताया कि उसके माता-पिता और दादी दोपहर करीब ढाई बजे मंदिर गए थे। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पश्चिम) मनोज सी ने बताया कि एक घंटे बाद दिव्यांग युवक की बहन उसे अपने घरेलू नौकर के साथ छोड़कर ग्रीन पार्क में बाजार गई थी। उन्होंने नौकर को तीन महीने पहले काम पर रखा था।उन्होंने बताया कि जब उसकी बहन वापस आई तो उसे अपने भाई का शव बेड़ पर पड़ा मिला और नाबालिग नौकर लापता था। भाई का शव देख बहन की चीख निकल गई। पुलिस ने बताया कि जब उसने घर की तलाशी ली तो उसे पता चला कि कुछ आभूषण, एक मोबाइल फोन और करीब 40,000 रुपये की नकदी गायब है। इस संबंध में सफदरजंग एन्क्लेव थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान आरोपी के कुछ रिश्तेदारों का पता लगाया गया जिन्होंने बताया कि वह बिहार के सीतामढ़ी में अपने गांव जा सकता है, जहां उसकी मां रहती है।इसके बाद पुलिस ने आरोपी को पर पकड़ लिया। उससे चोरी का सामान बरामद कर लिया गया है।

बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनPegasus Case: पेगासस जांच पैनल को 29 में से 5 मोबाइल में मिला ‘मालवेयर,’ केंद्र सरकार ने नहीं किया सहयोग, जांच रिपोर्ट में खुलासा******Highlights पेगासस के कथित अनधिकृत इस्तेमाल की पड़ताल के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त पैनल ने जांच किये गये 29 मोबाइल फोन में से 5 में कुछ ‘‘मालवेयर’’ पाए हैं। हालांकि अभी यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका है कि ये ‘‘मालवेयर’’ इजराइली ‘स्पाइवेयर’ के हैं या नहीं। मालूम हो कि किसी कम्प्यूटर या मोबाइल फोन तक अनधिकृत एक्सेस पाने, उसे बाधित या नष्ट करने के मकसद से विशेष रूप से बनाए गए सॉफ्टवेयर को ‘‘मालवेयर’’ कहा जाता है।चीफ जस्टिस एन.वी. रमण ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर.वी. रवींद्रन द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर गौर करने के बाद इस बात का भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने पेगासस मामले की जांच में सहयोग नहीं किया। उच्चतम न्यायालय ने नेताओं, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं की टारगेट निगरानी के लिए सरकारी एजेंसियों द्वारा इजराइली स्पाइवेयर के इस्तेमाल के आरोपों की पिछले साल जांच का आदेश दिया था। साथ ही, शीर्ष न्यायालय ने पेगासस विवाद की जांच के लिए तकनीकी और निगरानी समितियां गठित की थी। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ ने कहा कि पैनल ने तीन हिस्सों में अपनी ‘‘लंबी’’ रिपोर्ट सौंपी है। इसके एक हिस्से में नागरिकों के निजता के अधिकार और देश की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून में संशोधन करने का सुझाव दिया गया है। पीठ ने कहा, ‘‘उन्होंने (समितियों ने) कहा है कि भारत सरकार ने सहयोग नहीं किया। आप यहां वही रुख अपना रहे हैं, जो आपने वहां अपनाया था।’’पीठ के सदस्यों में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली भी शामिल हैं। पीठ ने तकनीकी पैनल की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि यह ‘‘थोड़ी चिंताजनक’’ है, क्योंकि जांच के लिए तकनीकी समिति के पास जमा किए गए 29 फोन में से 5 में ‘‘कुछ तरह का मालवेयर’’ पाया गया, लेकिन ऐसा नहीं कहा जा सकता कि ‘‘ये पेगासस के कारण थे।’’ प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘जहां तक तकनीकी समिति की रिपोर्ट की बात है ऐसा लगता है कि जिन व्यक्तियों ने अपने मोबाइल फोन दिये थे उन्होंने अनुरोध किया है कि रिपोर्ट साझा नहीं की जाए। ऐसा लगता है कि करीब 29 फोन दिये गये थे और पांच फोन में, उन्होंने कुछ ‘मालवेयर’ पाया लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि यह पेगासस का ‘मालवेयर’ है।’’पीठ ने कहा कि न्यायमूर्ति रवींद्रन की रिपोर्ट में नागरिकों के निजता के अधिकार की सुरक्षा, भविष्य में उठाए जा सकने वाले कदमों, जवाबदेही, निजता की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कानून में संशोधन और शिकायत निवारण तंत्र पर सुझाव दिए गए हैं। न्यायालय ने कहा कि वह निगरानीकर्ता न्यायाधीश रवींद्रन की रिपोर्ट में कुछ सुधारात्मक उपायों का सुझाव दिया गया है और इनमें एक यह है कि ‘‘मौजूदा कानूनों में संशोधन और निगरानी पर कार्यप्रणाली और निजता का अधिकार होना चाहिए।’’पीठ ने कहा, ‘‘दूसरा यह कि राष्ट्र की साइबर सुरक्षा बढ़ाई जाए और उसे बेहतर किया जाए।’’ न्यायालय ने कहा कि रिपोर्ट में अवैध निगरानी की शिकायतें करने के लिए नागरिकों के लिए एक तंत्र स्थापित करने का भी सुझाव दिया गया है। पीठ ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी रिपोर्ट है। देखते हैं कि हम कौन सा हिस्सा मुहैया करा सकते हैं।’’ साथ ही, पीठ ने कहा कि रिपोर्ट जारी नहीं करने का अनुरोध भी किया गया है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ये सब तकनीकी मुद्दे हैं। जहां तक न्यायमूर्ति रवींद्रन की रिपोर्ट की बात है, हम इसे वेबसाइट पर अपलोड करेंगे।’’ वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और राकेश द्विवेदी ने पीठ से वादियों के लिए ‘‘संपादित रिपोर्ट’’ जारी करने की अपील की। रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पीठ ने जब कहा कि केंद्र ने सहयोग नहीं किया है, इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दिया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनजुलाई-सितंबर के दौरान घरों की बिक्री 18 प्रतिशत घटी, रेरा की वजह से नए मकान की लॉन्चिंग में आई कमी****** रियल्‍टी सेक्‍टर की हालत तमाम प्रयासों के बावजूद सुधरने का नाम नहीं ले रही है। चालू वित्‍त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में नौ प्रमुख शहरों में मकानों की बिक्री 18 प्रतिशत घटकर 44,755 इकाई रह गई। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संपत्ति बाजार में सुस्ती से घरों की मांग घटी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग अपना घर खरीदना चाहते हैं उनके लिए यह सुनहरा मौका है। इस समय मांग न होने से ग्राहक राजा है और वह विक्रेता से खूब मोलभाव कर सकता है।रियल्‍टी पोर्टल प्रॉप टाइगर डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार नए रियल एस्टेट कानून रेरा के क्रियान्वयन की वजह से दूसरी तिमाही में नई मकानों की लॉन्चिंग 53 प्रतिशत घटकर 22,115 इकाई पर आ गई।रिपोर्ट में कहा गया है कि सात शहरों पुणे, नोएडा, बैंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और अहमदाबाद में घरों की बिक्री तथा नई लॉन्चिंग दोनों में गिरावट आई है। वहीं दो शहरों मुंबई और गुरुग्राम में मांग एवं आपूर्ति दोनों में बढ़ोतरी हुई है।प्रॉप टाइगर डॉट कॉम के मुख्य निवेश अधिकारी अंकुर धवन ने कहा कि नई रेरा और जीएसटी व्यवस्था से दूसरी तिमाही में जहां कम संख्या में नए मकान पेश किए गए, वहीं बिक्री में भी गिरावट आई। हालांकि, जुलाई और अगस्त की तुलना में सितंबर में घरों की बिक्री कुछ बढ़ी है। हालांकि, इसकी वजह डेवलपर्स द्वारा दी गई त्योहारी छूट और रियायतें हैं।जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान अहमदाबाद में बिक्री में सबसे अधिक 46 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह 2,222 इकाई रह गई।पुणे में घरों की बिक्री 32 प्रतिशत घटकर 7,214 इकाई, नोएडा में 29 प्रतिशत घटकर 3,606 इकाई, बैंगलुरु में 27 प्रतिशत घटकर 6,976 इकाई, चेन्नई में 23 प्रतिशत घटकर 2,945 इकाई, कोलकाता में 21 प्रतिशत घटकर 2,993 इकाई और हैदराबाद में 18 प्रतिशत घटकर 3,356 इकाई रह गई।इस अवधि में गुरुग्राम में घरों की बिक्री 60 प्रतिशत बढ़कर 3,342 इकाई रही। मुंबई में यह छह प्रतिशत बढ़कर 12,101 इकाई रही।

बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनम्यांमार के बॉर्डर पर 2000 किमी लंबी 'दीवार' बना रहा है चीन, स्थानीय लोगों में फैली दहशत******चीन अपनी हरकतों से अपने पड़ोसियों को परेशान करने की कोशिशें करता ही रहता है। आपको चीन की मशहूर 'महान दीवार' के बारे में पता ही होगा, जो हजारों किलोमीटर लंबी होने की वजह से दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी तरफ खींचती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन 2000 किलोमीटर लंबी एक और 'दीवार' बना रहा है, लेकिन इसने आसपास के लोगों में दहशत पैदा कर दी है। दरअसल, चीन कंटीले तारों की मदद से म्यांमार की सीमा पर बाड़ लगा रहा है। इस बाड़ के निर्माण के चलते म्यांमार के स्थानीय लोगों में काफी दहशत है। बताया जा रहा है कि कुछ जगहों पर तो चीन ये 'दीवार' बॉर्डर के बिल्कुल पास बना रहा है, जिसका म्यांमार ने विरोध भी किया है।अब सवाल यह उठता है कि के विरोध के बावजूद यह दीवार क्यों बना रहा है? चीनी मीडिया का दावा है कि इस दीवार के बनने से म्यांमार से होने वाली अवैध घुसपैठ पर लगाम लगेगा। बताया जा रहा है कि चीन के दक्षिणी-पश्चिमी यून्नान प्रांत में 6 से 9 मीटर ऊंचे कंटीले तारों की इस दीवार को बनाने का काम भी शुरू हो गया है। वहीं, रेडियो फ्री एशिया का कहना है कि चीन इस दीवार को अपने यहां के असंतुष्टों को फरार होने से रोकने के लिए बना रहा है। बता दें कि इससे पहले चीन ने म्‍यांमार के शान राज्‍य से सटी सीमा पर भी कटीले तार लगाना शुरू किया था जिसका म्यांमार की सेना ने काफी विरोध किया था।चीन ने म्यांमार के विरोध को पूरी तरह अनसुना कर दिया है और दीवार बनाने का काम बदस्तूर जारी रखा है। म्यांमार मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की सेना 1961 में हुई सीमा संधि के आधार पर आपत्ति जताई है, जिसमें यह साफ लिखा है कि सीमांकन के 10 मीटर के अंदर किसी भी ढांचे का निर्माण नहीं किया जा सकता। रेडियो फ्री एशिया ने कहा है कि चीन इस प्रॉजेक्ट को 'दक्षिणी महान दीवार' के नाम से चला रहा है और इस परियोजना का पहला चरण भी पूरा हो गया है जिसमें 650 किलोमीटर बाड़ लगाई जा चुकी है। चीन 2022 तक म्यांमार की सीमा से लगती हुई यह 2000 किलोमीटर की दीवार बना लेना चाहता है।चीन की इस नई दीवार से म्यांमार के लोगों में दहशत है क्योंकि इस बाड़ में बिजली का करंट भी दौड़ाया जाएगा। म्यांमार के लोगों को डर है कि कहीं गलती से भी वे या उनके मवेशी इस बाड़ के नजदीक गए तो उन्हें नुकसान हो सकता है। साथ ही इन बाड़ों में इंफ्रारेड सेंसर के साथ शक्तिशाली कैमरे लगाए जाने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि इस दीवार के बनने से सबसे ज्यादा नुकसान चीन के उन असंतुष्टों को होगा जो म्यांमार या फिर वियतनाम के रास्ते देश छोड़कर भाग जाते थे। दीवार के बन जाने के बाद उनके लिए चीन से पलायन कर पाना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।बनानाचाहतेहैंआइडियलबॉडीतोबसइनतीनबातोंकारखेंध्यानहमेशानियंत्रितरहेगावजनवैश्विक अर्थव्यवस्था 2017 में 2.7 प्रतिशत बढे़गी: विश्वबैंक****** विश्वबैंक का अनुमान है कि 2017 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2.7 प्रतिशत रहेगी, जो एक अच्छा संकेत है।विश्वबैंक की एक ताजा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विश्व व्यापार में ठहराव, निवेश में सुस्ती और नीतियों को लेकर अनिश्चितताओं के चलते यह वर्ष भी चुनौतियों भरा ही रहेगा।कई साल तक वैश्विक आर्थिक वृद्धि के निराशजनक रहने के बाद आर्थिक संभावनाओं का परिदृश्य अपेक्षाकृत सशक्त दिख रहा है, जिससे हम उत्साहित हैं।

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