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America gun culture: अमेरिका में गन कल्चर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, 230 साल पुरानी व्यवस्था को खत्म करने की मांग
रिलीज़ की तारीख:2022-10-07 13:09:48
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अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगआठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर पड़ी धीमी, अक्‍टूबर में IIP रहा 4.7 प्रतिशत****** आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर चालू वर्ष के अक्‍टूबर माह में धीमी होकर 4.7 प्रतिशत रही। मुख्य रूप से सीमेंट, इस्पात और रिफाइनरी क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन से बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर कम हुई है।पिछले साल इसी महीने में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत थी।बुनियादी उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट तथा बिजली आते हैं।इस बीच, उद्योग मंत्रालय ने सितंबर वृद्धि के अनुमान को कम कर 4.7 प्रतिशत कर दिया है। पूर्व में इसके 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था।यहां आज शाम जारी आधिकारिक आंकड़े के अनुसार सीमेंट उत्पादन में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि अक्‍टूबर 2016 में इसमें 6.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।इस्पात क्षेत्र में भी उत्पादन वृद्धि पिछले महीने कम होकर 8.4 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले इसी महीने में 17.4 प्रतिशत थी। इसी प्रकार, रिफाइनरी में वृद्धि दर धीमी होकर इस साल अक्‍टूबर में 7.5 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी महीने में इसमें 12.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।सालाना आधार पर बिजली उत्पादन भी धीमा रहा है।दूसरी तरफ, कोयले में अच्छी वृद्धि देखी गई और इसमें पिछले महीने 3.90 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एक साल पहले इसी अवधि में इसमें 1.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।उर्वरक क्षेत्र में आलोच्य महीने में 3.0 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि पिछले साल अक्‍टूबर में 0.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।इसके अलावा कच्चा तेल उत्पादन तथा प्राकृतिक गैस उत्पादन में भी सुधार हुआ है।कुल मिलाकर आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अप्रैल-अक्‍टूबर के दौरान 3.5 प्रतिशत रही, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 5.6 प्रतिशत थी।आठ बुनियादी उद्योग का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 40.27 प्रतिशत भारांश है।

अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगपूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने श्रीलंकाई टीम पर हुए आतंकवादी हमले को लेकर किया बड़ा खुलासा******नई दिल्ली। संन्यास ले चुके ऑस्ट्रेलिया के अंपायर साइमन टॉफेल ने 2009 में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हुए आतंकवादी हमले को याद करते हुए कहा कि उस घटना ने कई जिंदगियों को प्रभावित करने के साथ क्रिकेट पर भी असर डाला। उन्होंने कहा कि लाहौर, कराची, फैसलाबाद, इस्लामाबाद और पेशावर जैसे शहरों में मैच अधिकारी की भूमिका निभाने की अपनी चुनौतियां थीं लेकिन हर शहर में ऐसे पल मिले जिसका उन्होंने लुत्फ उठाया और ये हमेशा याद रहेगा। उन्होंने हाल में जारी हुई अपनी किताब ‘फाइंडिंग द गैप्स’ में लिखा, ‘‘ लेकिन लाहौर के उनके आखिरी दौरे में कुछ ऐसा हुआ जिसे वह फिर से याद नहीं करना चाहेंगे।’’श्रृंखला के दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन (तीन मार्च 2009) के खेल के लिए जब श्रीलंकाई टीम मैदान पर जा रही थी तभी गद्दाफी स्टेडियम के सामने आतंकवादियों ने टीम के काफिले पर हमला कर दिया था जिसमें आठ लोग मारे गये जबकि श्रीलंकाई खिलाड़ियों सहित कई लोग घायल हुए थे। इस हमले में श्रीलंकाई टीम के कुमार संगकारा, अजंता मेंडिस, तिलन समरवीरा, थरंगा परनविताना, सुरंगा लकमल और तिलिना तुषारा घायल हो गये थे।टॉफेल इस मैच में स्टीव डेविस के साथ मैदानी अंपायर की भूमिका निभा रहे थे जबकि नदीम गौरी तीसरे और एहसान रजा चौथे अंपायर थे। क्रिस ब्राड आईसीसी मैच रेफरी थे। टॉफेल ने कहा कि श्रृंखला से पहले वह, डेविस और ब्राड की बदौलत पाकिस्तान की स्थिति से वाकिफ थे और इस मुद्दे पर आईसीसी से बात करना चाहते थे लेकिन बार बार भरोसा दिया गया था कि कुछ नहीं होगा।उन्होंने अपनी किताब में लिखा, ‘‘श्रृंखला का पहला टेस्ट कराची में खेला गया जो बिना किसी रुकावट के संपन्न हो गया। इसके बाद लाहौर में स्थिति सही नहीं होने की बात चल रही थी। ऐसी भी खबरें थी कि दूसरा टेस्ट भी कराची में ही खेला जाएगा।’’उन्होंने कहा कि लेकिन फिर अगला मैच लाहौर में खेले जाने का फैसला किया गया। इसके बाद मैच शुरू हुआ और पहले दो दिन के खेल में श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने रनों का अंबार लगा दिया। उन्होंने 600 से ज्यादा रन बनाये। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व अंपायर ने बताया कि तीसरे दिन कुछ ऐसा हुआ जिससे क्रिकेट की पूरी दुनिया बदल गयी। किसी के लिए यह जिंदगी बदलने वाला था तो वहीं किसी के लिए यह त्रासदी की तरह था।उन्होंने कहा, ‘‘ हर दिन की तरह मैं उस दिन भी सामान्य दिनचर्या के मुताबिक होटल लॉबी में आया। हालांकि मैं समय से थोड़ा पहले सवा आठ बजे लॉबी में आ गया था। मैं मैच अधिकारियों की कार में आमतौर पर पूरे मैच के दौरान आते-जाते समय एक ही जगह बैठता हूं लेकिन उस दिन पता नहीं किन वजहों से मैं आईसीसी क्षेत्रीय अंपायर मैनेजर पीटर मैनुएल के साथ पीछे वाली सीट पर बैठ गया।’’उन्होंने बताया, ‘‘श्रीलंकाई खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों की गाड़ियों का काफिला जब स्टेडियम से एक किलोमीटर दूर था तब भी मैंने पटाखे की तरह की आवाज सुनी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन फिर हर तरफ से गोलियों और धमाके की आवाज आने लगी। हमारी कार में भी आगे और मैं आमतौर पर जहां बैठता था वहां गोलियां लगी। इस हमले में चौथे अंपायर बुरी तरह घायल हुए थे।’’टॉफेल को फिर अहसास हुआ कि उनकी जगह पर चौथे अंपायर बैठे थे। आईसीसी साल के सर्वश्रेष्ठ अंपायर का खिताब पांच बार जीतने वाले टॉफेल ने कहा, ‘‘ रजा अगर मुझ से पहले पहुंच गये होते तो मेरे साथ कुछ और हो सकता था। मैं गोली का शिकार होने के बाद जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहा होता।’’अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगNagaland News: नागालैंड में सेना की उग्रवादियों से हुई मुठभेड़, असम राइफल्स के दो जवान घायल******Highlights नागालैंड के मोन जिले में सोमवार तड़के एनएससीएन-के (युंग आंग) के उग्रवादियों से सेना की मुठभेड़ हो गई। अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ में असम राइफल्स के कम से कम दो जवान घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना जिले के फोमचिंग इलाके के न्यासा गांव में देर रात करीब दो बजकर 35 मिनट पर अरुणाचल प्रदेश से लगी अंतरराज्यीय सीमा पर हुई। असम राइफल्स ने एक बयान में कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कड़ी सुरक्षा के मद्देनजर बल के जवान संवेदनशील क्षेत्रों पर सक्रिय रूप से नजर रखे हुए थे। बयान में कहा गया है कि उग्रवादियों की गतिविधि के बारे में मिली गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, सैनिकों ने क्षेत्र में कई बार घात लगाई।असम राइफल्स ने कहा कि देर रात करीब दो बजकर 35 मिनट पर चौकस सैनिकों ने जंखम से न्यासा के बीच एक जंगली इलाके में संदिग्ध गतिविधि देखी। बयान में कहा गया है कि उग्रवादियों ने पकड़े जाने पर गोलियां चलाईं, जिसका मुंह-तोड़ जवाब दिया गया। इस दौरान उग्रवादियों का एक समूह गंभीर रूप से हताहत हो गया। बयान के अनुसार इस दौरान असम राइफल्स के दो जवान भी घायल हो गए और उन्हें निकालकर जोरहाट वायु सेना अस्पताल ले जाया गया। सेना बल ने दावा किया कि स्थानीय ग्रामीणों ने घायल सैनिकों को निकालने में मदद की और उन्होंने सुरक्षा बलों का भी भरपूर साथ दिया।सेना बल ने कहा कि ग्रामीणों ने उनका(सेना) का भरपूर साथ दिया। बयान में कहा गया है कि इलाके में तलाशी अभियान जारी है। मोन जिले के उपायुक्त अजित कुमार वर्मा ने कहा कि प्रशासन को उग्रवादियों के हताहतों के बारे में अभी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हालात सामान्य हैं और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर माहौल शांतिपूर्ण है। नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-खपलांग (NSCN-K) के युंग आंग गुट में ज्यादातर म्यांमार के नगा हैं, और यह समूह अरुणाचल प्रदेश के कुछ पूर्वी जिलों में सक्रिय है।

America gun culture: अमेरिका में गन कल्चर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, 230 साल पुरानी व्यवस्था को खत्म करने की मांग

अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगअनुच्छेद 370 की बहाली पर क्या बोले गुलाम नबी आजाद? राहुल गांधी-कांग्रेस को लेकर कही ये बात******Highlights कांग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को कहा कि अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर के विकास में बाधा नहीं था और दावा किया कि तत्कालीन राज्य ने 30 सूचकांकों पर राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया था। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि उन्होंने कभी अनुच्छेद 370 की बहाली की संभावना से इनकार नहीं किया, लेकिन कहा कि यह एक समय लेने वाली प्रक्रिया हो सकती है और केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही ऐसा तुरंत कर सकते हैं।आजाद ने श्रीनगर में संवाददाताओं से कहा, "अनुच्छेद 370 बाधा नहीं था। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री के तौर पर मैंने तीन-शिफ्ट की कार्य प्रणाली शुरू की, विधानसभा की बैठकें सप्ताह में छह दिन आयोजित की गईं, सड़कें बनाई गईं, स्कूलों और कॉलेजों का एक तंत्र बनाया गया और पर्यावरण संबंधी मंजूरी दी गईं।" हाल ही में कांग्रेस छोड़ने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने अनुच्छेद 370 पर संसद में भी मोदी का विरोध किया था। उन्होंने कहा, "मैंने इस मुद्दे पर संसद में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का विरोध किया है। मैंने 30 सूचकांकों पर प्रकाश डाला है, जहां अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर किया और 40 सूचकांकों पर गुजरात से बेहतर प्रदर्शन किया है।"आजाद ने कहा, "मैंने संसद में कहा था कि चूंकि जम्मू-कश्मीर ज्यादातर सूचकांकों में बेहतर है, इसलिए गुजरात को केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाना चाहिए और वहां एक उपराज्यपाल भेजा जाना चाहिए।" अनुच्छेद 370 की बहाली पर, आजाद ने कहा कि उन्होंने इसकी संभावना से कभी इनकार नहीं किया, लेकिन उनकी राय थी कि इसमें समय लग सकता है। उन्होंने कहा, "मैंने यह नहीं कहा है कि अनुच्छेद 370 को बहाल नहीं किया जा सकता है। या तो इसे मोदी द्वारा बहाल किया जाएगा, जैसा कि उन्होंने (निरस्त) कृषि कानूनों के मामले में किया था, क्योंकि उनके पास बहुमत है, मैं उन्हें या उनके मंत्रिमंडल को इस पर राजी नहीं कर सकता।"आजाद ने कहा कि संसद से उन्हें जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक लोकसभा में 86 फीसदी सदस्य- बीजेपी और आठ अन्य पार्टियां, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के पक्ष में हैं, जबकि 14 फीसदी इसके खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, "क्या जम्मू-कश्मीर की किसी पार्टी को 86 फीसदी बहुमत मिल सकता है? हम प्रार्थना कर सकते हैं कि किसी दिन हमें दो-तिहाई बहुमत मिले, लेकिन यह आज नहीं हो सकता, अगले साल मार्च में नहीं हो सकता। अगर यह इस साल दिसंबर तक होना है, तो केवल मोदी साहब ही ऐसा कर सकते हैं।" उन्होंने कहा कि दूसरा रास्ता सुप्रीम कोर्ट का है।आजाद ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचे तीन साल से अधिक समय बीत चुका है। तब से कई प्रधान न्यायाधीश बदल चुके हैं, लेकिन किसी ने याचिका का पहला पृष्ठ भी नहीं खोला है। इसकी सुनवाई के लिए कोई तारीख नहीं दी गई है। यदि कार्यवाही शुरू होती है, कितने साल लगेंगे और किसके पक्ष में फैसला होगा, हम नहीं जानते।" उन्होंने कहा, "इसलिए, हम ऐसा कोई नारा नहीं लाएंगे जो उचित, न्यायसंगत और संभव नहीं है। मैं कोई झूठी उम्मीद नहीं देना चाहता, चाहे लोग हमें वोट दें या नहीं।"आजाद ने कहा कि जहां अनुच्छेद 370 को सम्मान मिलना चाहिए, वहीं अन्य मुद्दे भी हैं, जिन्हें विकास और शासन के संदर्भ में ठीक किए जाने की जरुरत है। उन्होंने कहा, "जब तक अनुच्छेद 370 बहाल नहीं हो जाता, हम खाली नहीं बैठ सकते।" इस आरोप पर कि वह जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के लिए सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं, आजाद ने कहा कि ये वो नहीं कर रहे हैं, बल्कि कांग्रेस के कुछ नेता हैं जो 'कांग्रेस मुक्त भारत' हासिल करने में भारतीय जनता पार्टी की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मुझ पर बीजेपी का मित्र होने का आरोप है। बीजेपी के असली दोस्त वे हैं जो कांग्रेस मुक्त भारत की स्थापना में मदद कर रहे हैं। यह उन पर मेरा प्रतिवाद है।"आजाद ने कहा कि कांग्रेस नेता उनके खिलाफ आरोप लगा रहे हैं, क्योंकि राज्यसभा में विदाई के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो गए थे। उन्होंने कहा, "मैंने कुछ अच्छा काम किया होगा, क्योंकि यह प्रधानमंत्री किसी के लिए आंसू नहीं बहाते हैं। बस संसद में मेरे भाषणों को देखें और आप प्रधानमंत्री के साथ मेरे मौखिक आदान-प्रदान को देखेंगे। उन भाषणों के अनुसार मोदी साहब को मुझे जेल में डाल देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान मेरे सभी दस्तावेज देखे हैं, उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरे नोट्स देखे हैं। यही वह (भ्रष्टाचार) है जिस पर भाजपा आज नजर रख रही है।" आजाद ने कहा कि कांग्रेस इस तथ्य का फायदा ले सकती थी कि प्रधानमंत्री उनके लिए रोए थे। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, "लेकिन आपने क्या किया? आप 24 घंटे प्रधानमंत्री को गालियां देते रहते हैं। नतीजा यह होता है कि आप अपनी सीट तक गंवा बैठे।"अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगKarnataka news: गणेश चतुर्थी के मौके पर कर्नाटक में पंडालों में लगाए जाएंगे सावरकर और बाल गंगाधर तिलक के पोस्टर******Highlights कर्नाटक में दक्षिणपंथी संगठनों ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर और प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक के पोस्टर, 31 अगस्त से शुरू हो रही गणेश चतुर्थी से लेकर 10 दिनों तक, राज्य के विभिन्न गणेश पंडालों में लगाने का फैसला किया है। इन संगठनों ने यह कदम तब उठाया है जब हाल में राज्य के कुछ हिस्सों जैसे कि शिवमोगा और मेंगलुरु में सावरकर की तस्वीरें लगाने को लेकर विवाद पैदा हो गया था। श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने राज्यभर में कम से कम 15,000 स्थानों पर वीर सावरकर और तिलक की तस्वीरें लगाने का फैसला किया है। हम इन दो ऐतिहासिक स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए इसे एक आंदोलन बनाना चाहते हैं।’’भाजपा विधायक भी आंदोलन में शामिलउन्होंने बताया कि भाजपा विधायक भी इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं खासतौर से बेलगावी में। हिंदू जनजागृति समिति के प्रवक्ता मोहन गौड़ा ने कहा कि हिंदू संगठनों ने प्रत्येक पंडाल के लिए 150 रुपये का बजट तय किया है, जहां ये पोस्टर लगाए जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता एम बी जिराली ने बताया कि गणेश उत्सव के सभी आयोजकों ने सावरकर के पोस्टर लगाने का फैसला खुद किया है।'कोई भी वीर सावरकर के खिलाफ नहीं'उन्होंने बताया कि यह केवल भाजपा का नहीं बल्कि पूरे हिंदू समुदाय का आंदोलन है। जिराली ने दावा किया, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया जैसे एक या दो व्यक्तियों को छोड़कर कोई भी वीर सावरकर के खिलाफ नहीं बोला।’’अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगMahashivratri 2022: महाशिवरात्रि पर इस साल बनने जा रहा है शुभ संयोग, जानें मुहूर्त और पूजा विधि******Highlightsमहाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा-आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भोलेनाथ की सच्चे मन से पूजा उपासना करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर श्री महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया जाता है।देवाधिदेव महादेव के पूजन का सबसे महत्वपूर्ण पर्व महाशिवरात्रि उनके दिव्य अवतरण का मंगल सूचक है। ज्योतिषाचार्य डॉ. विनोद बताते हैं कि व्रत फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है। इस व्रत को अर्धरात्रिव्यापिनी चतुर्दशी तिथि में करना चाहिए। सुखद संयोग है कि वस्तुतः इस वर्ष अर्धरात्रिव्यापिनी ग्राह्य होने से एक मार्च, मंगलवार को ही महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि में चन्द्रमा सूर्य के समीप रहते हैं। इसी समय चन्द्रमा का सूर्य के साथ योग-मिलन होता है। ज्योतिष के अनुसार चतुर्दशी तिथि को चंद्रमा अपनी कमजोर स्थिति में आ जाते हैं। चन्द्रमा को शिव जी ने मस्तक पर धारण किया हुआ है। अतः शिवजी के पूजन से व्यक्ति का चंद्र सबल होता है, जो मन का कारक है। यह कहना गलत नहीं होगा कि शिव की आराधना इच्छा-शक्ति को मजबूत करती है और अन्तःकरण में अदम्य साहस व दृढ़ता का संचार करती है।महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की चार पहर की पूजा का विधान है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन शिवजी को चारों पहर पूजने से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। महाशिवरात्रि पर पहले पहर की पूजा मंगलवार को शाम 6.21 से 9.27 बजे तक होगी। फिर रात को 9.27 से 12.33 बजे तक दूसरे पहर की पूजा होगी। इसके बाद बुधवार को रात 12.33 से 3.39 बजे तक तीसरे पहर की पूजा होगा। अंत में रात 3.39 से सुबह 6.45 तक चौथे पहर का पूजन होगा।ज्योतिषाचार्य डॉ. विनोद ने बताया कि इस दिन एक खास संयोग भी बन रहा है। धनिष्ठा नक्षत्र में परिघ योग रहेगा। धनिष्ठा के बाद शतभिषा नक्षत्र रहेगा। परिघ के बाद शिव योग रहेगा। सूर्य और चंद्र कुंभ राशि में रहेंगे। इसलिए इस चतुर्दशी को शिवपूजा करने से भक्तों को अभीष्टतम फल की प्राप्ति होती है. यह महाशिवरात्रि का व्रत ‘ व्रतराज’ के नाम से विख्यात है। शास्त्रोक्त विधि से जो इस दिन उपवास एवं महारुद्राभिषेक करेगा, उन्हें शिव सायुज्य की प्राप्ति होगी।महाशिवरात्रि मंगलवार, मार्च 1, 2022 कोनिशिता काल पूजा समय - 12:08 से 12:58 (सुबह) , 02 मार्चशिवरात्रि पारण समय - 06:45 (सुबह) , मार्च 02महाशिवरात्रि की विधि-विधान से विशेष पूजा रात्रि काल में होती है। हालांकि भक्त चारों प्रहर में से अपनी सुविधानुसार यह पूजन कर सकते हैं। साथ ही महाशिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण का भी विधान है। इस दिन मिट्टी के पात्र या तांबे के लोटे में जल, मिश्री, कच्चा दूध डालकर शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, आंकड़े के फूल, चावल आदि अर्पित करना चाहिए। इस दिन महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करना चाहिए।- शिव गायत्री मंत्रओम तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात्।इसका जाप सुख, समृद्धि आदि की प्राप्ति के लिए करते हैं.ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥माम् भयात् सवतो रक्ष श्रियम् सर्वदा।आरोग्य देही में देव देव, देव नमोस्तुते।।ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।- धन-संपत्ति की प्राप्ति के लिए शिव मंत्रओम हृौं शिवाय शिवपराय फट्।।महाशिवरात्रि को लेकर बहुत सारी कथाएं लोकप्रिय हैं। विवरण मिलता है कि मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए घनघोर तपस्या की थी। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसके फलस्वरूप फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यही कारण है कि महाशिवरात्रि को अत्यन्त महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है।वहीं गरुड़ पुराण में वर्णन है कि इस दिन एक निषादराज अपने कुत्ते के साथ शिकार खेलने गया किन्तु उसे कोई शिकार नहीं मिला। वह थक हारकर भूख-प्यास से परेशान एक तालाब के किनारे जाकर बैठ गया। वहीं तालाब के किनारे एक बिल्व वृक्ष के नीचे शिवलिंग था। अपने शरीर को आराम देने के लिए उसने कुछ बिल्व-पत्र तोड़े, जो शिवलिंग पर भी गिर गए।अपने पैरों को साफ करने के लिए उसने उनपर तालाब का जल छिड़का, जिसका कुछ अंश शिवलिंग पर भी जा गिरा। ऐसा करते समय उसका एक तीर नीचे गिर गया, जिसे उठाने के लिए वह शिव लिंग के सामने नीचे को झुका। इस तरह शिवरात्रि के दिन उसने अनजाने में ही शिवपूजन कर भगवान को प्रसन्न कर लिया। मृत्यु के बाद जब यमदूत उसे लेने आए, तो शिव के गणों ने उसकी रक्षा की और उन्हें भगा दिया। इस तरह महाशिवरात्रि के दिन भगवान शंकर की पूजा का अद्भुत फल मिलता है। यही कारण है कि महाशिवरात्रि को अत्यन्त महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है।

America gun culture: अमेरिका में गन कल्चर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, 230 साल पुरानी व्यवस्था को खत्म करने की मांग

अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांग75 years of independence: एक नंबर के झूठे निकले जिन्ना, पाकिस्तान के इस 'मसीहा' ने तोड़े अपने सभी वादे, बंटवारे के वक्त लोगों से कही थीं ये फर्जी बातें******Highlightsभारत से अलग हुआ पाकिस्तान आज अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। मुहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान को इस्लीमिक देश बनाया। जिन्ना ने कराची में पाकिस्तान की संविधान सभा में अपने पहले भाषण में कहा था कि देश में सभी लोगों को जाति और धर्म के भेदभाव के बिना समान अधिकार मिलेगा। पाकिस्तान के कायदे आजम कहे जाने वाले जिन्ना का ये सपना आज मिट्टी में मिला गया है। अहमदिया समुदाय, हिंदुओं, ईसाइयों और मुसलमानों के लिए पाकिस्तान नर्क बन गया है। हालत यह है कि पाकिस्तान को सेना चला रही है। लोकतंत्र के नाम पर राजनीतिक पार्टियां है लेकिन सिर्फ पाटियां ही है। पाकिस्तानी सेना लोकतंत्र की गला दबाकर एक क्रूर शासन स्थापित कर चुका है। पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था एक नीचले स्तर पर चली गई है। उसे कर्ज के लिए भीख मांगनी पड़ रही है। यही वजह है कि जिन्ना के इस पाकिस्तान को अब 'एशिया का सिकमैन' कहा जाने लगा है।पाकिस्तान के जन्म के बाद ही साल 1950 में जिन्ना का सपना टूटना शुरू हो गया था। पाकिस्तान में हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़क उठे। बड़ी संख्या में हिंदुओं की हत्या कर दी गई, उनके घर जला दिए गए। करीब 3 महीने तक चली हिंसा में हालात इतने खराब हो गए कि बड़ी संख्या में हिंदुओं को पाकिस्तान छोड़कर भारत भागना पड़ा। आजादी के 75 साल बाद भी पाकिस्तान की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। यह सिलसिला यहीं नहीं थमा और आजादी के 75 साल पूरे होने के बाद भी पाकिस्तान में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की हालत बहुत खराब है। अक्सर हिंदू लड़कियों का अपहरण कर लिया जाता है और जबरन उनकी शादी मुसलमानों से कर दी जाती है। इतना ही नहीं हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पाकिस्तान के हिंदू इस्लामाबाद में अपनी जमीन पर मंदिर बनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्हें कट्टरपंथी नहीं बनने दे रहे हैं।हिंदुओं के बाद पाकिस्तान में अहमदिया मुसलमानों को निशाना बनाया गया। 1953 में लाहौर में अहमदिया लोगों के खिलाफ हिंसा हुई। इसमें बड़ी संख्या में अहमदिया लोग मारे गए थे। उनके घरों को लूट लिया गया और आग लगा दी गई। इसके बाद लाहौर में 3 महीने के लिए मार्शल लॉ लगा दिया गया। कुछ समय बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई। वहां की सरकार को भी बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद साल 1971 में पूर्वी पाकिस्तान और आधुनिक बांग्लादेश में पाकिस्तानी सेना ने बंगाली लोगों को बेरहमी से प्रताड़ित किया। पूर्वी पाकिस्तान में हिंदुओं सहित बड़ी संख्या में अल्पसंख्यकों की हत्या कर दी गई। जिसने सच बोलने की हिम्मत की उसे जेल में डाल दिया गया। इसके बाद लोगों ने विद्रोह कर दिया। इसके बाद भारत की मदद से बांग्लादेश का जन्म हुआ। हालांकि पाकिस्तान ने बांग्लादेश में जो धार्मिक जहर के बीज बोए थे, उसका असर अभी भी बना हुआ है। वहां हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।मुहम्मद अली जिन्ना ने अपने भाषण में अल्पसंख्यकों से कहा, 'आप स्वतंत्र हैं। पाकिस्तान में आप अपने मंदिरों में जाने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं, आप अपनी मस्जिदों या अन्य पूजा स्थलों पर जाने के लिए स्वतंत्र हैं। पाकिस्तान में धर्म और जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। देश में सभी को नागरिकता का समान अधिकार मिलेगा। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसक घटनाओं ने जिन्ना के सपनों को कुचल दिया और पाकिस्तान एक कट्टरपंथी इस्लामी देश बन गया। पाकिस्तान कभी भी सफल लोकतंत्र नहीं बन सका। आजादी के 11 साल बाद ही मेजर जनरल अयूब खान ने मार्शल लॉ लगा दिया। उसके बाद जनरल याह्या खान, 1977 में जनरल जिया-उल-हक और 1999 में जनरल परवेज मुशर्रफ ने अपने सैन्य जूतों के तहत लोकतंत्र को कुचल दिया था। वर्तमान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा भी पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं। उन्होंने नवाज शरीफ और इमरान खान को सत्ता से बेदखल कर दिया है। मौजूदा प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ भी सेना के रहम पर चल रहे हैं।'इतना ही नहीं जिन्ना ने जिस पाकिस्तान के विकास का सपना देखा था, वह आज आतंकियों की फैक्ट्री के लिए जाना जाता है। लश्कर-ए-तैयबा, तालिबान, जैश-ए-मोहम्मद, अलकायदा जैसे संगठनों के आतंकवादी पाकिस्तान को अपना घर मानते हैं। ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी सेना ने पाकिस्तानी सरजमीं पर मार गिराया था। टीएलपी और टीटीपी जैसे कट्टरपंथी संगठन पाकिस्तान में लगातार खुद को मजबूत कर रहे हैं। टीटीपी पाकिस्तान में शरिया कानून लागू करना चाहता है। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वह खत्म कगार पर है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख चीन से अमेरिका को कर्ज की भीख मांग रहे हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान अब 'दक्षिण एशिया का सिकमैन' बन गया है। पाकिस्तान में कोई पैसा नहीं लगाना चाहता और देश की जनता आसमान छूती महंगाई से जूझ रही है। जहां एक-एक रोटी के लिए पाकिस्तानी जनता परेशान है। वहीं पाकिस्तानी नेता आपस में लड़ रहे हैं और कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। इन सबके बीच आर्मी चीफ जनरल बाजवा आलीशान जिंदगी जी रहे हैं और उन्हीं के इशारे पर पूरी सरकार चला रहे हैं।अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगशादी के एलान के साथ ही गौहर खान की मल्टीकलर ड्रेस फैंस का जीत रही दिल, हर तरफ हो रही लुक की चर्चा******शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। कई सेलिब्रिटीज इस कोरोना काल में शादी के बंधन में बंध चुके तो कुछ सितारे साल के आखिरी तक नए रिश्ते में बंधकर अपनी जिंदगी की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। सिनेमाजगत की मशहूर हस्ती गौहर खान भी इस महीने निकाह करने वाली हैं। कुछ दिन पहले गौहर की सगाई की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आईं थी तो वहीं अब गौहर ने सोशल मीडिया पर अपनी शादी का न्योता फैंस के साथ शेयर किया है। गौहर के इस न्योते के साथ जैद और अपनी जो तस्वीरें शेयर की हैं वो लोगों का ध्यान खींच रही हैं। लोग इन दोनों की केमिस्ट्री के अलावा गौहर की ड्रेस को भी खूब पसंद कर रहे हैं।गौहर ने अपने निकाह की तारीख का एलान करते हुए एक खूबसूरत ड्रेस के साथ अपनी दो तस्वीरें शेयर की हैं। इस तस्वीर में गौहर क्रॉप टॉप के साथ सुंदर सी कलरफुल स्कर्ट पहनी हुई हैं, जो उनकेफैंस को खूब रास आ रही है। इसके साथ ही उनका मुस्कुराता हुआ चेहरा उनके लुक में चार चांद लगा रहा है।गौहर की ड्रेस की बात करें तो उन्होंने पीले रंग के कढ़ेहुए क्रॉप टॉप के साथ ऑफ व्हाइट रंग की कढ़ी हुई कोटी उसके ऊपर से पहनी हुई है। इसके साथ लाल, नारंगी, पीला और गुलाबी रंग के कॉम्बिनेशन कीस्कर्ट पहनी है जो बेहद खूबसूरत लग रही है। इस ड्रेस के साथ मैच करता हुआ गौहर ने डायमंड नेकलेस पहनाहै साथ ही ओपन हेयर और लाइट लिपस्टिक से अपने लुक को कम्प्लीट कियाहै।इन तस्वीरों में गौहर इतनी खूबसूरत लग रही हैं कि उनके पोस्ट के साथ ही उनका लुक चर्चा में आ गया। इससे पहले गौहर ने जैद दरबार के साथ एक तस्वीर पोस्ट करतेहुए अपने रिश्ते का आधिकारिक एलान किया था। इस तस्वीर में भी जैद और गौहर एक साथ खुश नजर आ रहे थे। ये तस्वीर गौहर की सगाई की थी जिसे पोस्ट करते हुए अभिनेत्री ने अंगूठी वाला और दिल वाले इमोजी के साथ जैद दरबार लिखा था।इस तस्वीर में जैद पीले रंग की शर्ट पहने हुए थे जबकि गौहर सफेद रंग का रंग बिरंगे धागों से कढ़ाई किया हुआ सूट पहने हुई थीं। आपको बता दें, गौहर अपने डांस के अलावा फैशन सेन्स को लेकर भी सिनेमाजगत में जानी जाती हैं। कुछ दिन पहले गौहर 'बिग बॉस' सीजन 14 में बतौर सीनियर बनकर गई थीं। इस शो के दौरान भी गौहर ने एक से बढ़कर एक ड्रेस पहनी थी जो कि चर्चा में रही थी।

America gun culture: अमेरिका में गन कल्चर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, 230 साल पुरानी व्यवस्था को खत्म करने की मांग

अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगAmerica Taiwan: चीन की अकड़ ढीली करने के लिए अमेरिका ताइवान को देगा 1.1 अरब डॉलर की मदद, बढ़ेगी सैन्य ताकत******Highlightsचीन की हैकड़ी निकालने के लिए अमेरिका ने ताइवान को मदद देने की घोषणा की है। ताइवान पर हाल के समय में चीन ने काफी प्रेशर बना रखा है। कभी सैन्याभ्यास तो कभी मिसाइल छोड़ना, ऐसी हरकतों से ताइवान को डराने की कोशिश की है। ऐसे में ताइवान की रक्षा के लिए अमेरिका साथ खड़ा है। यही बात चीन को रास नहीं आ रही है। अब अमेरिका ने ताइवान और चीन से बढ़ते तनाव के बीच ताइवान की रक्षा को बढ़ावा देते हुए उसे 1.1 बिलियन डॉलर के नए हथियारों के पैकेज की घोषणा की है। यह बड़ी घोषणा अमेरिकी सांसद नैंसी पेलोसी की पिछले दिनों ताइवान यात्रा के बाद दी गई है। दरअसल, नैंसी की यात्रा का चीन ने विरोध किया था और अमेरिका व ताइवान को धमकाया था।तब चीन ने अमेरिका व ताइवान को इसके बुरे अंजाम भुगतने की धमकी तक दे डाली थी। यही नहीं, चीन ने अगले दिन से ही ताइवान की सीमा पर युद्ध अभ्यास शुरू कर दिया था। अभी भी चीन ताइवान के बीच तनाव का माहौल है और कभी भी युद्ध शुरू होने की आशंका बनी रहती है। इस खतरे के बीच अमेरिका की यह मदद ताइवान के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।ताइवान की सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए अमेरिका दे रहा राशिपैकेज में दुश्मनों की ओर से आने वाली मिसाइलों को ट्रैक करने में ताइवान की मदद करने के लिए एक प्रारंभिक रडार चेतावनी प्रणाली के लिए 665 मिलियन डॉलर और 60 उन्नत हार्पून मिसाइलों के लिए 355 डॉलर का खर्च किया जा रहा है। अमेरिका का कहना है कि चीन की ताइवान के खिलाफ सैन्य, राजनयिक व आर्थिक दबाव को रोकने के लिए वह ताइवान को इतनी बड़ी राशि दे रहा है।ताइवान को बड़ी मदद की घोषणा से छूटे चीन के पसीनेइसी बीच ताइवान और चीन के बीच तनाव जारी है। चीन लगातार ताइवान के इलाके में सैन्य गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। हाल ही में ताइवान की सीमा में चीन का ड्रोन घुस आया। हालांकि ताइवान भी चीन की चुनौतियों पर उसे उसी कड़क भाषा में जवाब दे रहा है। यही कारण है कि चीनी ड्रोन घ्ुसने पर ताइवान की सेना ने चीनी ड्रोन पर गोली चला दी। ताइवान इसे अपनी तरफ से चेतावनी कार्रवाई बता रहा है। ताइवानी सेना ने कहा कि उसने चीनी तट के नजदीक स्थित उसकी चौकियों के ऊपर उड़ रहे चीनी ड्रोन पर चेतावनी स्वरूप गोलीबारी की है। ताइवान का संकल्प है कि वह उकसाने वाले चीन के किसी भी कदम का जवाब देगा।चीन के तट से 15 किमी दूर उड़ रहा था ड्रोनताइवानी सेना ने यहां जारी बयान में कहा कि बल ने यह कदम मंगलवार को किनमैन द्वीप समूह के ऊपर ड्रोन को उड़ते हुए देखने के बाद उठाया। इस द्वीपसमूह के जिस डडान द्वीप के ऊपर ड्रोन उड़ रहा था वह चीन के तट से करीब 15 किलोमीटर दूर है। बयान के मुताबिक गोलीबारी के बाद ड्रोन नजदीकी चीनी शहर शियामैन लौट गया। यह घटना इस महीने की शुरुआत में चीन द्वारा समुद्र में मिसाइल दागने, लड़ाकू विमान और पोत भेजने के बाद बढ़े तनाव के बाद हुई है।उल्लेखनीय है कि अगस्त महीने की शुरुआत में अमेरिकी प्रतिनिधि नैंसी पेलोसी की ताइपे यात्रा के बाद से ताइवान पर चीन की ओर से सैन्य दबाव बनाया जा रहा है।चीन को ताइवान से क्या है दिक्कत?चीन के सैन्याभ्यास का ातइवान के प्रमुख सहयोगी अमेरिका के साथ ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों ने कड़ी आलोचना की थी। पिछले दिनों चीन द्वारा दागी गई कुछ मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में भी गिरी थीं। ताइवान का ताइवान जलडमरुमध्य स्थित किनमैन और मात्सु द्वीप समूहों पर नियंत्रण है। इस बीच अमेरिकी राज्य एरिजोना के गवर्नर डौग ड्यूसी सेमीकंडक्टर उत्पादन पर चर्चा करने के लिए ताइवान की यात्रा पररहे। उनकी कोशिश ताइवानी आपूर्तिकर्ताओं को ताइवान सेमीकंडक्टर मैनुफैक्चरिंग कॉरपोरेशन की 12 अरब डॉलर की नयी इकाई एरिजोना में लगाने के लिए मनाने की है। पिछले सप्ताह इसी उद्देश्य से इंडियाना राज्य के गवर्नर ने भी ताइवान की यात्रा की थी।

अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगSanjay Raut Rana Couple News: राणा दंपति-शिवसेना में हो गई सुलह? खाने की टेबल पर साथ दिखे संजय राउत और रवि राणा******Highlightsमुंबई में मुख्यमंत्री के आवास के सामने हनुमान चालीसा के पाठ का ऐलान करने के मामले में जेल जाने वाले राणा दंपति की शिवसेना नेता संजय राउत के साथ मुलाकात की तस्वीर सामने आई। बता दें कि हनुमान चालीसा विवाद को लेकर जमकर राजनीतिक बवाल मचा था। निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और शिवसेना सांसद संजय राउत ने एक दूसरे पर हमला बोला था।अब सवाल यह है कि राणा दंपति और शिवसेना के बीच क्या सुलह हो गई है? दरअसल, लेह में नवनीत राणा उनके पति रवि की संजय राउत से मुलाकात हुई है। रवि और राउत की अलग से मुलाकात होने की भी खबर है। लद्दाख में डिफेंस को लेकर बनी संसदीय समिति की बैठक में दोनों सांसद शामिल हुए।इंडिया टीवी के संवाददाता योगेंद्र तिवारी की भेजी तस्वीरों में दोनों नेता आपस में चहलकदमी करते हुए नजर आ रहे हैं। लंबे समय तक चली टेंशन के बाद नवनीत राणा के पति रवि राणा और संजय राउत खाने की टेबल पर एक साथ नजर आए।नवनीत राणा और लद्दाख की डिफेंस की संसदीय समिति के सदस्य हैं। हाल ही में लद्दाख में एक बैठक हुई थी, इसमें शामिल होने के लिए दोनों लद्दाख गए थे। नवनीत के पति रवि राणा भी लद्दाख गए। इस दौरान रवि राणा और संजय राउत ने एकसाथ खाना खाया, साथ ही दोनों के बीच चर्चा भी हुई।दरअसल, राणा दंपति ने घोषणा की थी कि वे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके बाद मुंबई पुलिस ने राजद्रोह और अन्य धाराओं में राणा दंपति के खिलाफ केस दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था। नवनीत ने आरोप लगाया कि जेल में उनके साथ बदसलूकी की गई। उन पर उनकी जाति को लेकर कटाक्ष किया गया और पीने के लिए उन्हें पानी नहीं दिया। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद राणा दंपति बाहर आए।हनुमान चालीसा विवाद के दौरान संजय राउत ने सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को लेकर कहा था कि पिछले कुछ दिनों से कुछ फर्जी हिंदुत्ववादियों ने माहौल खराब करने की कोशिश की। हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर अमरावती की 'बंटी औ बबली' ने हंगामा करने की कोशिश की।इस हमले के बाद निर्दलीय विधायक और नवनीत के पति रवि राणा ने संजय राउत पर पलटवार करते हुए कहा था कि संजय राउत चवन्नी छाप हैं। हम दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे और उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराएंगे।अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगGlobal Ayurveda Festival 2021: पीएम मोदी ने कहा, लोग आयुर्वेद के फायदों को महसूस कर रहे हैं****** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि लोग आयुर्वेद के लाभों और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में इसकी भूमिका को महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा को और भी अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए अनुकूल है। ‘ग्लोबल आयुर्वेद फेस्टिवल 2021’ के चौथे संस्करण का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को एक समग्र मानव विज्ञान के रूप में वर्णित किया जा सकता है। पीएम ने कहा कि सरकार की ओर से मैं आयुर्वेद की दुनिया को पूरा समर्थन देने का भरोसा देता हूं।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारतीय संस्कृति प्रकृति और पर्यावरण को जो सम्मान देती है, उससे का गहरा नाता है। इसे पौधों से लेकर आपकी प्लेटों तक एक समग्र मानव विज्ञान के रूप में वर्णित किया जा सकता है।’ मोदी ने कोविड-19 महामारी के संदर्भ में कहा कि वर्तमान स्थिति आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर और भी अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा, ‘आयुर्वेद को लोकप्रिय बनाने के लिए धन्यवाद। कोरोना संकट के वक्त हमें लोक कल्याण का अवसर नहीं खोना चाहिए। आज युवा आयुर्वेदिक उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का उपयोग कर रहे हैं। यह साक्ष्य आधारित चिकित्सा विज्ञान के साथ आयुर्वेद को एकीकृत करने की चेतना है।’

अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगDigital India: अब बार-बार RTO जाने का झंझट खत्म, घर बैठे मिलेंगी लाइसेंस और RC जैसी 58 सेवाएं : MoRTH******आज भारत डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है। तमाम सरकारी सेवाएं अब घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर पर उपलब्ध हैं। ऐसे में अब हम आम आदमी की जरूरत बन चुका आरटीओ यानि रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस भी पूरी तरह से डिजिटल बन रहा है। सरकार की ताजा कोशिशों के तहत आरटीओ कार्यालय से जुड़ी 50 से अधिक सेवाओं को अब ऑनलाइन कर दिया गया है।सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन और मालिकाना हक के स्थानांतरण जैसी नागरिकों से जुड़ी 58 सेवाओं को आधार सत्यापन के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध करवा दिया है। MoRTH ने शनिवार कहा कि सरकारी दफ्तर में जाए बगैर इस तरह की सेवाओं को संपर्करहित तरीके से उपलब्ध करवाने से नागरिकों का बहुमूल्य वक्त बचेगा और इस काम में लगने वाला पैसा भी बचेगा। इसके अलावा क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में जाने वाले लोगों की संख्या में भी कमी आएगी जिससे कामकाज की प्रभावशीलता बढ़ेगी।वे ऑनलाइन सेवाएं जिनके लिए नागरिक स्वैच्छिक रूप से आधार सत्यापन करवा सकते उनमें लर्नर लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस की प्रतिलिपि और ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण करवाना जिसमें गाड़ी चलाकर दिखाना आवश्यक नहीं हो जैसी सेवाएं शामिल हैं।MoRTH ने इस बाबत अधिसूचना 16 सितंबर को जारी की। मंत्रालय के अनुसार आधार सत्यापन स्वैच्छिक होगा। जिस व्यक्ति के पास आधार संख्या (Aadhaar Number) नहीं है, वे कोई और पहचान-पत्र दिखाकर प्रत्यक्ष रूप से सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगPriyadarshini-Mohanty Dispute: शादी के 8 साल बाद भी पत्नी से नहीं बने शारीरिक संबंध, इस सांसद और मशहूर एक्ट्रेस का वैवाहिक विवाद पहुंचा कोर्ट******Highlightsएक्टर से सांसद बने अनुभव मोहंती और उड़िया इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस वर्षा प्रियदर्शिनी के वैवाहिक जीवन का विवाद इन दिनों खूब चर्चा में है। ओडिशा फिल्म इंडस्ट्री का ये स्टार कपल एक दूसरे पर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगा रहा है। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कोर्ट तक जा पहुंचा है और तलाक की नौबत आ गई है।दरअसल, सांसद अनुभव मोहंती और अभिनेत्री वर्षा प्रियदर्शिनी के बीच की तल्खी के चलते दोनो ही एक दूसरे के खिलाफ सोशल मीडिया पर काफी हमलावर हैं। विवाद इतना बढ़ गया कि कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा था और कहना पड़ा कि ऐसा करने से बचें। बता दें कि अभिनेता से सांसद बने अनुभव मोहंती ने आरोप लगाए हैं कि शादी के 8 साल बीतने के बाद भी उनके पत्नी से शारीरिक संबंध नहीं बन सके हैं। बकौल मोहंती उनकी पत्नी वर्षा उन्हें अपने साथ यौन संबंधों और स्वाभाविक दांपत्य जीवन की इजाजत ही नहीं देती हैं। लिहाजा मोहंती ने तलाक की मांग की है। वहीं दूसरी ओर उनकी पत्नी एक्ट्रेस वर्षा प्रियदर्शिनी ने मोहंती पर घरेलू हिंसा और शारीरिक यातना के आरोप लगाए हैं। इतना ही नहीं वर्षा ने हर्जाने के तौर पर 15 करोड़ रुपये की भी मांग रखी है।गौरतलब है कि 40 साल के अनुभव मोहंती ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी बीजेडी से केंद्रपाड़ा सीट से सांसद हैं। 2014 में मोहंती ने वर्षा प्रियदर्शिनी से विवाह रचाया था। शादी के कुछ सालों बाद दोनो के रिश्तों में खटास आनी शुरू हो गई। धीरे-धीरे इस खटास ने पारिवारिक कलह का रूप ले लिया और फिर दोनों ही एक दूसरे के ऊपर तरह-तरह के आरोप लगाने लगे। रिश्ते और भी खराब होते चले गए और साल 2020 में मोहंती ने दिल्ली की एक फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी। सासंद मोहंती अपनी पत्नी वर्षा से शादी की रिश्ता तोड़ देना चाहते थे। मामले पर सुनवाई के बाद मार्च 2021 में कोर्ट ने इस केस को ओडिशा के कटक में ट्रांसफर कर दिया।

अमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांगRajasthan Election Results 2018: पढ़ें दिनभर के सारे प्रमुख अपडेट्स****** वसुंधरा राजे राजस्थान में हर पांच साल में सरकार बदलने वाली मिथक तोड़ पाने में नाकाम रहीं। शुरुआती रुझानों में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है।राज्य भर में बनाए गए कुल 35 केंद्रों पर लगभग 20,000 कर्मचारी वोटोंकीगिनती कर रहे हैं। मतगणना के लिए जयपुर और जोधपुर में दो-दो केंद्र जबकि बाकी 31 जिलों में एक-एक केंद्र बनाया गया है। राज्य की 200 में से 199 सीटों के लिए मतदान सात दिसंबर को हुआ था। में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है और दोनो ही पार्टियों ने प्रचार में इस बार अपनी पूरी ताकत झोंकी है। राजस्थान में 5 साल तक वसुंधरा राजे के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार रही है, लेकिन 7 दिसंबर को मतदान के बाद आए अधिकतर एग्जिट पोल ने इस बार कांग्रेस की सरकार आने का अनुमान लगाया है।India TV-CNX के एग्जिट पोल में भी कांग्रेस को 100-110, बीजेपी को 80-90, बसपा को 1-3 और अन्य को 6-8 सीट मिलने का अनुमान जारी किया गया है।वसुंधरा सरकार में कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी अंता सीट पर 34064 मतों से हारे, कांग्रेस के प्रमोद भाया विजयीअशोक गहलोत और सचिन पायलट ने एक-दूसरे को विधानसभा चुनाव में जीत की बधाई दी। सचिन पायलट ने टोंक सीट और अशोक गहलोत ने सरदारपुरा सीट से जीत दर्ज की हैनिवर्तमान विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल शाहपुरा सीट से 74542 मतों से जीतेकांग्रेस ने जीत दर्ज करने वाले सभी विधायकों को कल जयपुर पहुंचने का दिया आदेशझालरापाटन से निवर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जीतीं, कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह को करीब 29 हजार वोटों से हरायाचुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 100 सीटों पर कांग्रेस और पांच सीटों पर बीएसपी बनाए हुए है बढ़तचुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, एक सीट पर बीजेपी कैंडिडेट ने दर्ज की जीत, 73 पर आगेचुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस को 39 फीसदी, बीजेपी को 38.4 फीसदी, निर्दलीय को 9.7 फीसदी, बीएसपी को 4.2 फीसदी, सीपीएम को 1.3 फीसदी, आरएलडी को 0.3 फीसदी वोट हासिल हुए हैंचुनावआयोगकेआधिकारिकरुझानोंके अनुसारअशोक गहलोत का कहना है कि अगर निर्दलीय हमारे साथ आएं तो स्वागत और बहुमत होने पर भी गैर बीजेपी दलों का स्वागत किया जाएगाप्रदेश की जनता को हम धन्यवाद देते हैं, हमारी बढ़त और बढ़ेगी... कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को धन्यवाद-सचिन पायलटराजस्थान में पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस पार्टी सरकार बनानेजा रही है-सचिन पायलटकिसकोक्या पद मिलेगा यह कांग्रेस अध्यक्ष और विधायकतय करेंगे-सचिन पायलटबीजेपी सरकारसे जनतानाराजथी और यह जनता की जीत है-सचिनपायलटचुनाव आयोग के आधिकारिक रुझानों में कांग्रेस 91 सीटों पर, बीजेपी 71 सीटों पर और अन्य 22 सीटों पर आगेरुझानों पर बोले गृह मंत्री राजनाथ सिंह, 'ये शुरुआती संकेत हैं, हमें अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद'शुरुआती रुझानों में बीजेपी-72 और कांग्रेस-105 सीटों पर आगे, कांग्रेस खेमे में उत्साह की लहरकांग्रेस मुख्यालय के बाहर पार्टी समर्थकों ने पटाखे जलाकर जश्न मनायाशुरुआती रुझान में वसुंधरा राजे के कई प्रमुख मंत्री अपनी अपनी सीटों से पीछे चल रहे हैंचुनाव आयोग के आधिकारिक रुझानों में कांग्रेस 25 सीटों और बीजेपी 23 सीटों पर आगेराजस्थान के बाली, पिंडवाड़ा-आबू, अनूपगढ़ और रेवदर सीटों पर भाजपा तथा पोकरण और जायल विधानसभा सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी आगेराजस्थान रुझानों में बढ़त से कांग्रेस खेमे में उत्साह की लहर। जयपुर में पार्टी कार्यालय में मंगाए गए पटाखेराजस्थान में कुल 200 में से 199 सीटों पर हुए चुनाव, जिसमे से 58सीटों के अब तक आए हैं रुझानशुरुआती रुझानों में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आगे चल रही हैं। वहीं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और सचिन पायलट भी आगे चल रहे हैंपायलट के निवास पर जुट रही समर्थकों की भीड़, चुनाव के नतीजों से पहले कार्यकर्ताओ में देखने को मिल रहा भारी उत्साहराजस्थान के मेड़ता से कांग्रेस के सोनू चितारा आगे, धौलपुर के राजाखेड़ा से कांग्रेस के रोहित बोहरा आगे, नीम का थाना से कांग्रेस के सुरेश मोदी बीजेपी के प्रेम सिंह बाजौर से आगे चल रहे हैं और खैरवाड़ा से कांग्रेस के दयाराम परमार आगे चल रहे हैंमतगणना शुरू,पहलेपोस्टलबैलेटकीगिनतीकीजा रही हैज्यादातर एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक, राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही हैराजस्थान में साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कुल 163 सीटें मिलीं थीइस बार रूझान और नतीजे आने में कुछ देरी हो सकती है। हर राउंड की गिनतीके बाद पोलिंग एजेंट्स को लिखित में नतीजों की जानकारी दी जाएगीसबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाएगी और उसके बाद वोटिंग मशीन की गिनती होगीराजस्थान में 200 में से 199 सीटों पर सात दिसंबर को वोटिंग हुई थी, लगभग 20,000 कर्मचारी सुबह आठ बजे से मतगणना का काम शुरू करेंगेराजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बांसवाड़ा के त्रिपुर सुंदरी मंदिर के लिए रवाना हुईं। वसुंधरा राजे इलेक्शन रिजल्ट के दिन इस मंदिर के गर्भ गृह में बैठकर ही नतीजों का इंतज़ार करती हैंअमेरिकामेंगनकल्चरकेखिलाफजोरदारप्रदर्शन230सालपुरानीव्यवस्थाकोखत्मकरनेकीमांग'Supertech Twin Tower': महज 09 सेकंड में ताश के पत्तों की तरह धराशाही हो जाएगी नोएडा की ये 32 मंजिला इमारत, कैसे गिरेगी? जानिए A टू Z सबकुछ******Highlights नोएडा के सुपरटेक ट्विन टावर को 28 अगस्त को गिराया जाएगा। इस इमारत को गिराने में लगभग 3,700 किलोग्राम विस्फोटक लगेगा। इस टावर की ऊंचाई दिल्ली के कुतुब मीनार से भी अधिक है। ये टावर भारत की अब तक की सबसे ऊंची इमारतें गिराने वाली बन जाएगी। टावर को गिराने के लिए लगभग-लगभग तैयारी कर ली गई है। इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह के बड़े पैमाने पर ध्वस्तके पर्यावरणीय के लिए खतरा साबित हो सकता है।ये 40 मंजिला टावर (एपेक्स और सेयेन) नोएडा के सेक्टर 93 ए में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास स्थित है। इन दोनों टावरों में 900 से ज्यादा फ्लैट हैं। वे नोएडा, उत्तर प्रदेश में सुपरटेक की एमराल्ड कोर्ट परियोजना का हिस्सा हैं। दोनों टावर एक साथ लगभग 7.5 लाख वर्ग फुट के क्षेत्र को कवर करते हैं।सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस टावर को ध्वस्त का किया जाएगा। कोर्ट ने बताया था कि सुपर टेक ने मानदंडों का उल्लंघन करके इस इमारत को बनाया गया था। एमराल्ड कोर्ट ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा पहले एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि निर्माण यूपी अपार्टमेंट अधिनियम 2010 का उल्लंघन था। यह भी कहा गया था कि उनके निर्माण ने न्यूनतम दूरी की आवश्यकता का उल्लंघन किया है। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने टावरों को गिराने का आदेश दिया था। रिपोर्टों में कहा गया है कि यूपी अपार्टमेंट अधिनियम के तहत आवश्यक व्यक्तिगत फ्लैट मालिकों की सहमति के बिना उन्हें अवैध रूप से बनाया गया था।मुंबई स्थित एडिफिस इंजीनियरिंग और उनकी दक्षिण अफ्रीकी साझेदार फर्म जेट डिमोलिशन सुपरटेक ट्विन टावरों को गिराने का काम करेंगे। इम्प्लोजन तकनीक से इमारतों को तोड़ा जाएगा। इमारत में लगभग 3,700 किलोग्राम विस्फोटक डाला गया है। परियोजना के विवरण के अनुसार, एपेक्स टॉवर में 11 मुख्य ब्लास्ट फ्लोर हैं, जहां फर्श के सभी स्तंभों में विस्फोटक फिक्स्ड और ब्लास्ट किए जाएंगे और सात माध्यमिक मंजिलें, जहां 60 प्रतिशत कॉलम ब्लास्ट किए जाएंगे। इस टावर को गिराने में करीब 09सेकेंड लगेगा। इमारत गिराने वाली फर्म एडिफिस इंजीनियरिंग के पार्टनर उत्कर्ष मेहता ने पीटीआई के हवाले से कहा कि "एक श्रृंखला में सभी विस्फोटकों को विस्फोट किए जाएंगे इसमें में 9 से 10 सेकंड का समय लगेगा।" उन्होंने आगे बताया कि, "विस्फोटों के बाद संरचनाएं एक बार में नीचे नहीं आएंगी और पूरी तरह से नीचे आने में चार से पांच सेकंड का समय लगेगा," उन्होंने कहा कि धूल लगभग 10 मिनट हवा में उड़ेगा। उस समय आसपास के इलाकें में पूरा अंधेरा हो जाएगा।परियोजना अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए अनुमानों के अनुसार, एपेक्स (32 मंजिला) और सेयेन (29 मंजिला) के विध्वंस से लगभग 35,000 क्यूबिक मीटर मलबा निकलने की उम्मीद है। इसके अलावा, लगभग 100 मीटर ऊंचे ट्विन टावरों के विध्वंस का प्रभाव दो सोसायटियों एमराल्ड कोर्ट और आस-पास के एटीएस विलेज पर होगा। सबसे अधिक नजदीक मे रहने वाले लोगों को होगा।विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि ध्वस्त से धूल के बादल आसमान में बन जाएंगे। वही इस पर बहस कई दिनों से बहस हो रही है कि क्या इसका पर्यावरण पर कोई स्थायी प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा आस-पास के रहने वालें लोग कई बिमारियों के चपेट में आ सकते हैं। आंखों में जलन, नाक, मुंह और श्वसन प्रणाली से लेकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं"। इस ध्वस्त के कारण से कई दिनों तक हवाओं में धुल और कण मिले रहेंगे। हालांकि इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि हमने ध्वस्त के समय एसओपी का प्रयोग करेंगे। जो भी पर्यावरण को बचाने के लिए कार्य होंगे उसका हम पालने करेंगे।इस एरिया में लगभग 5,000 से अधिक निवासी रहते हैं। 28 अगस्त को एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसाइटियों को खाली कर देने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। निवासियों को सुबह 7.30 बजे तक परिसर खाली करना होगा और शाम 4 बजे के बाद केवल एडिफिस से सुरक्षा मंजूरी के साथ वापस आ सकते हैं। सोसायटी से 2500 से ज्यादा वाहन हटाए जाएंगे। नोएडा प्राधिकरण बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर मल्टीलेवल पार्किंग सुविधा में उनके लिए जगह उपलब्ध कराएगा। मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग एक बार में 5,000 से अधिक वाहनों को आसानी से समायोजित कर सकती है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे 28 अगस्त को दोपहर 2.15 बजे से दोपहर 2.45 बजे तक वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहेगा। आपातकालीन सेवाओं के लिए आवश्यक फायर टेंडर और एंबुलेंस पार्क के पीछे बनी सड़क पर ट्विन टावरों के सामने खड़ी की जाएंगी। सेक्टर 137 के फेलिक्स अस्पताल में लगभग 50 बेड निवासियों के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिसमें एमराल्ड कोर्ट के 12 बेडरेस्टेड निवासियों के लिए बेड शामिल हैं। 28 अगस्त को ध्वस्त स्थल पर केवल 10 मजदुर ही रहेंगे। इनमें दो भारतीय ब्लास्टर और एडिफिस के प्रोजेक्ट मैनेजर मयूर मेहता और इसके दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञ पार्टनर जेट डिमोलिशन के सात सदस्य शामिल होंगे।इस संबंध में अधिकारिंयो ने बताया कि लगभग 1,200 से 1,300 ट्रक में मलबे को भर साइट से बाहर निकालना होगा। नोएडा प्राधिकरण के पास सेक्टर 80 में एक निर्माण और ध्वस्त अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र है, जिसकी क्षमता प्रति दिन 300 टन है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि हालांकि मलबे को बाहर निकालने के लिए यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि इसे वहां संसाधित किया जाएगा या नहीं। अधिकारियों के मुताबिक सारा मलबा बेकार नहीं जाएगा। इस ध्वस्त से लगभग 4,000 टन लोहा और इस्पात निकलने की संभावना है, जिसे एडिफिस ने ध्वस्त लागत के एक हिस्से की वसूली के लिए उपयोग करने की योजना बनाई है। एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज की सुरक्षा के लिए दोनों सोसायटियों में जियो टेक्सटाइल कवरिंग भी होगी। इस पूरी प्रक्रिया में 110 किलोमीटर लंबाई में गैल्वेनाइज्ड आयरन और जियो टेक्सटाइल से बनी करीब 225 टन तार वाली जाली का इस्तेमाल किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (योजना) इश्तियाक अहमद ने पीटीआई के हवाले से कहा कि 21,000 क्यूबिक मीटर मलबा पांच से छह हेक्टेयर की एक अलग भूमि पर डंप किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बचा हुआ मलबा ट्विन टावरों के बेसमेंट क्षेत्रों में डाला जाएगा जहां एक गड्ढा बनाया गया है। अहमद ने आगे बताया कि, "ध्वस्त के बाद के मलबे को नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार वैज्ञानिक रूप से प्रबंधित किया जाएगा। इस पर अंतिम निर्णय क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लिया जाएगा, जो मलबे प्रबंधन पर एडिफिस इंजीनियरिंग की एक रिपोर्ट की जांच कर रहा है।"सुप्रीम कोर्ट ने पहले अधिकारियों को बुकिंग के समय से 12 प्रतिशत ब्याज के साथ घर खरीदारों की पूरी राशि वापस करने का निर्देश दिया था। इसने यह भी कहा कि एमराल्ड कोर्ट परियोजना के आरडब्ल्यूए को ट्विन टावरों के निर्माण के कारण हुए उत्पीड़न के लिए 2 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना चाहिए। अदालत के आदेश के अनुसार, सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट में पैसा लगाने वाले निवेशक और घर खरीदार 17 जनवरी, 2022 तक 12 प्रतिशत ब्याज के साथ अपना पैसा वापस पाने के पात्र थे।

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