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India TV CNX Opinion Poll: एयर स्ट्राइक के बाद BJP को हो सकता है फायदा, महागठबंधन को नुकसान
रिलीज़ की तारीख:2022-10-07 14:10:01
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एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानAlert: महंगे हुए Redmi सीरीज के ये 6 स्मार्टफोन, Xiaomi ने घोषित की कीमतें******Alert: महंगे हुए Redmi सीरीज के ये 6 स्मार्टफोन, Xiaomi ने घोषित की कीमतेंफेस्टिव सीजन के दौरान यदि नया फोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको झटका लग सकता है। देश में सबसे ज्यादा स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनी ने अपनी Redmi सीरीज के 6 सबसे ज्यादा बिकने वाले स्मार्टफोन की कीमत बढ़ा दी है। इसमें ज्यादातर फोन Redmi 9 सीरीज के हैं। ताजा बढ़ोत्तरी के बाद कंपनी के ज्यादातर फोन की कीमतों में 500 रुपये का इजाफा दर्ज किया गया है। जबकि रेडमी 9i स्मार्टफोन की कीमत 300 रुपये बढ़ी है।कंपनी ने जिन स्मार्टफोन की कीमतों में इजाफा किया है उसमें Redmi 9, Redmi 9 Power, Redmi 9 Prime, Redmi 9i, Redmi Note 10T 5G और Redmi Note 10S स्मार्टफोनश शामिल हैैं। आपको बता दें, हाल ही में Realme ने भी अपने कई प्रमुख स्मार्टफोन मॉडल्स की कीमतों को बढ़ा दिया था। अब अमेजन, फ्लिपकार्ट और Mi.com पर कंपनी द्वारा बढ़ाई गई कीमतों के साथ फोन की कीमत लिस्ट की गई है।

एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानCannes 2018: रेड कार्पेट पर पिंजरे में बंद पहुंचीं मल्लिका शेरावत, देखिए वीडियो****** इन दिनों चल रहा 71वां दर्शकों के बीच खूब धूम मचाया हुआ है। बॉलीवुड हस्तियां खूब बढ़-चढ़ कर इसमें हिस्सा ले रही हैं। हाल ही में कंगना रनौत, हुमा कुरैशी, माहिरा खान, ऐश्वर्या राय बच्चन और सोनम कपूर रेड कार्पेट पर अपनी अदाओं के जलवे बिखेरती हुई दिखाई दीं। इसके अलावा यहां ने भी यहां शिरकत की, लेकिन इस बार उन्हें बिल्कुल अलग ही अंदाज में देखा गया। उन्होंने कान्स की अपनी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की है, जिसमें वह पिंजरे में बंद दिखाई दे रही हैं। हालांकि उन्होंने दुनियाभर के लोगों को एक अहम संदेख देने के लिए ऐसा किया।उन्होंने लॉक-मी-अप कैंपेन के अंतर्गत बच्चों पर होने वाले अत्याचारों के 'चाइल्ड ट्रैफिकिंग और प्रोस्टिट्यूशन' के खिलाफ आवाज उठाई है। कान्स में पिंजरे में बंद होने का भी उनका यही उद्देश्य था। यहां वह 12x8 फीट के एक छोटे से पिंजरे में दिखीं। इसके अलावा उन्होंने अपने इंटरनेशनल एनजीओ 'फ्री अ गर्ल इंडिया' से भी जुड़ने की अपील की।बता दें कि मल्लिका इस एनजीओ की ब्रांड अंबेसडर भी हैं। बता दें कि मल्लिका के इस एनजीओ का उद्देश्य मानव तस्करी और बच्चों के साथ होने वाले यौन शोषण के अपराधों को रोकना है।एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानM&M ने लॉन्‍च किया TUV300 का नया फेसलिफ्ट मॉडल, कीमत है इसकी 8.38 लाख रुपए******M&M launches facelift of compact SUV TUV300, priced at Rs 8.38 lakh देश की अग्रणी वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने शुक्रवार को अपनी कॉम्‍पैक्‍ट नया फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्‍च करने की घोषणा की है। इसकी कीमत मुंबई में एक्‍स-शोरूम 8.38 लाख रुपए है। महिंद्रा ने अपने बयान में बताया कि बोल्‍ड न्‍यू टीयूवी300 के डिजाइन को और आकर्षक बनाया गया है और इसमें कई नए फीचर्स जैसे ब्‍लैक क्रॉम इंसर्ट के साथ पियानो ब्‍लैक फ्रंट ग्रिल, मजबूत साइड क्‍लैडिंग और नए तरीके से बनाए गए एक्‍स-आकार के मेटेलिक ग्रे स्‍पेयर व्‍हील कवर शामिल हैं। इसके अलावा इसमें डेटाइम रनिंग लैम्‍प (डीआरएल) और कार्बन ब्‍लैक फ‍िनिश के साथ एक नया हेडलैम्‍प डिजाइन दिया गया है। नई टीयूवी300 रिवर्स पार्किंग कैमरा, जीपीएस के साथ 17.8 सेमी इंफोटेनमेंट सिस्‍टम, स्‍टैटिक बेंडिंग हेडलैम्‍पस और माइक्रो-हाइब्रिड टेक्‍नोलॉजी के साथ आएगी।महिंद्रा एंड महिंद्रा के सेल्‍स एंड मार्केटिंग प्रमुख, ऑटोमोटिव डिवीजन, विजय राम नाकरा ने कहा कि टीयूवी300 ने पहले ही 1 लाख संतुष्‍ट ग्राहकों के साथ अपने आप को कॉम्‍पैक्‍ट एसयूवी सेगमेंट में स्‍थापित कर लिया है। मुझे पूरा भरोसा है कि बोल्‍डर और अधिक मजबूत डिजाइन ऐसे ग्राहकों को आकर्षित करने में मददगार होगी, जो एक वास्‍तविक एसयूवी चाहते हैं, जो स्‍टाइलिश और पावरफुल हो और उनके लाइफस्‍टाइल में इजाफा करती हो।

India TV CNX Opinion Poll: एयर स्ट्राइक के बाद BJP को हो सकता है फायदा, महागठबंधन को नुकसान

एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानऑस्ट्रेलियाई दिग्गज का टीम इंडिया की कैप्टेंसी पर बयान, कहा- ऋषभ पंत नहीं इस खिलाड़ी को बनाना था कप्तान******Highlightsभारतीय टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले हार चुकी है। इस कारण टीम के ऊपर सात साल बाद अपने घर में साउथ अफ्रीका से वह तीन साल में पहली बार घर पर टी20 सीरीज हारने का खतरा मंडराने लगा है। इन सबके बीच केएल राहुल के चोटिल होने के बाद कप्तान बनाए ऋषभ पंत लगातार सवालों के घेरे में हैं। कहा यह भी जा रहा है कि कहीं बोर्ड मैनेजमेंट से यह गलती तो नहीं हो गई कि उन्होंने आईपीएल चैंपियन हार्दिक पंड्या को कप्तान ना बनाकर पंत को यह जिम्मेदारी सौंप दी।इसी को लेकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ब्रैड हॉग ने भी एक बयान दिया है और पंत को कप्तान बनाने पर असहमति जाहिर की है। उनका मानना है कि ऋषभ की जगह हार्दिक पंड्या को टीम का कप्तान बनाना चाहिए था। गौरतलब है कि पंड्या ने हाल ही में अपनी शानदार कप्तानी और ऑलराउंड प्रदर्शन से गुजरात टाइटंस को IPL 2022 का चैंपियन भी बनाया था। इस पूरे सीजन में उनका बतौर कप्तान और खिलाड़ी दोनों रूप में प्रदर्शन शानदार था वहीं पंत कुछ खास नहीं कर पाए थे।ऑस्ट्रेलिया के पूर्व लेग स्पिनर ब्रैड हॉग ने कहा कि, 'हार्दिक पंड्या को केएल राहुल के बाद इस सीरीज में कप्तान होना चाहिए था। आईपीएल में उन्होंने अपनी काबिलियत साबित भी की थी। हार्दिक कठिन हालात में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, चाहे वह बल्ले से हो या फिर गेंद से। वह इस समय वर्ल्ड क्रिकेट में सबसे अहम टी20 क्रिकेटर हैं। पहले टी20 में वह आखिरी के ओवरों में बल्लेबाजी के लिए आए थे और पहली गेंद से ही बाउंड्री लगानी शुरू कर दी थी। अगर टीम शुरुआत में जल्दी विकेट गंवा देती है तो हार्दिक ऊपर जाकर पारी को संभाल भी सकते हैं। बहुत से लोग ऐसा नहीं कर सकते हैं।'कहीं ना कहीं यह बात कई मायनों में सही है हार्दिक पंड्या ने बतौर कप्तान और कप्तान के रूप में बल्लेबाजी व गेंदबाजी दोनों विभाग में काफी प्रभावित किया था। आईपीएल 2022 में उन्होंने 15 मैचों में 487 रन बनाने के साथ-साथ 8 विकेट भी लिए थे। दूसरी तरफ ऋषभ पंत 30 की औसत से 14 मैचों में सिर्फ 340 रन ही बना पाए थे। कप्तान के तौर पर भी पूरे सीजन में उनके निर्णय चर्चा का विषय रहे। शुरुआती दो टी20 मैचों में भी ऐसा ही देखने को मिला था।गौरतलब है कि भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में दो मुकाबले हार चुकी है। ऐसे में विशाखापट्टनमन में खेला जाने वाला तीसरा मुकाबला टीम के लिए करो या मरो का होगा। इस मैच में अगर टीम हारती है तो उसे पिछली 8 घरेलू सीरीज के बाद स्वदेश में टी20 सीरीज में हार का स्वाद चखना पड़ेगा। आखिरी बार भारत को 2019 फरवरी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-0 से घरेलू टी20 सीरीज में हार मिली थी।एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानVinesh Phogat World Wrestling Championships: हारकर जीतने वाली को विनेश फोगाट कहते हैं******Highlights विनेश फोगाट ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में आखिरकार पोडियम पर जगह बना ही ली। खास बात ये है कि विनेश को ये जगह वर्ल्ड चैंपियनशिप के पहले राउंड में हारने के बाद मिली। हरियाणा की इस महिला पहलवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपनेनाम किया और जीत की एक नई इबारत लिख दी।वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप मेंकांस्य पदकहासिल करने के लिए भारतीय पहलवान को मेडल बाउट में स्वीडन की एम्मा जोना मालमग्रेन से भिड़ना था। विनेश फोगाट ने इस मुकाबले में स्वीडिश रेसलर को शिकस्त देकर कांस्य पदक जीता और इतिहास रच दिया। उन्होंने कांस्य पदक के लिए हुए इस मुकाबले में मालमग्रेन को 8-0 से हराया। इस जीत के साथ वह वर्ल्ड चैंपियनशिप के इस इवेंट में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं। बता दें कि विनेश ने 2019 सीजन में कजाकिस्तान के नूर-सुल्तान में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी सिल्वर मेडल को अपने नाम किया था था।क्वालीफिकेशन राउंड के अपने पहले मुकाबले में मंगलवार को विनेश को 2022 एशियाई चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता मंगोलिया की खुलन बटखुयाग से हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय पहलवान मंगोलियाई रेसलर को चुनौती देने में नाकाम रही थीं और 0-7 की शिकस्त के साथ उलटफेर का शिकार हो गईं थी। Commonwealth Games में शानदार प्रदर्शन के बाद गोल्ड मेडल अपने नाम करने वाली विनेश यहां थकी हुई नजर आईं थीं। एशियाई चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता के खिलाफ महिला फ्रीस्टाइल 53 किग्रा वर्ग के मुकाबले के अंतिम सेकेंडों में विनेश संतुलन खो बैठीं जिसका फायदा उठाकर विरोधी ने उन्हें चित्त कर दिया था। बटखुयाग ने पहले दौर के बाद 3-0 की बढ़त ले ली थी और विश्व चैंपियनशिप की पूर्व कांस्य पदक विजेता को अंतिम सेकेंड में मैट पर पीठ के बल पटककर चार अंक हासिल किए और एक बड़ी जीत हासिल की।इसके बाद विनेश ने रेपचेज राउंड के रास्ते ब्रॉन्ज प्ले-ऑफ में जगह बनाई। विनेश को ये मौका बटखुयाग के फाइनल में पहुंचने के बाद मिला जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाते हुए ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया।एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानIPL 2022 : लखनऊ सुपर जाइंट्स अपने रिटेन खिलाड़ी का नहीं कर रही सही इस्तेमाल!******Highlightsआईपीएल 2022 में लखनऊ सुपर जाइंट्स की टीम का प्रदर्शन बहुत खास नहीं रहा है। इस बार के आईपीएल में दो नई टीमों की एंट्री हुई है। एक टीम तो लखनऊ सुपर जाइंट्स है और दूसरी गुजरात टाइटंस। गुजरात टाइटंस की टीम तो जीत के रथ पर सवार है और लगातार विजयश्री हासिल कर रही है। गुजरात टाइटंस ने अब​ तक आठ मैच खेले हैं और उसमें से केवल एक ही मैच में उसे हार मिली है। लेकिन दूसरी टीम यानी लखनऊ सुपर जाइंट्स के लिए ये पहला सीजन उतना अच्छा नहीं जा रहा है। हालांकि टीम प्लेआफ के लिए क्वालीफाई कर पाएगी या नहीं, ये कह पाना अभी मुश्किल है। इस बीच लखनऊ सुपर जाइंट्स और इसके कप्तान केएल राहुल अपने एक रिटेन खिलाड़ी का ही ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।दरअसल आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन से पहले दोनों नई टीमों के पास मौका था कि वे बाकी टीमों से रिलीज किए गए कोई भी तीन खिलाड़ी ले सकते हैं। इसमें लखनऊ सुपर जाइंट्स ने पंजाब किंग्स से रिलीज किए गए केएल राहुल को लिया और उन्हें कप्तान बनाया, वहीं दूसरा रिटेंशन मार्कस स्टॉयनिस रहे। तीसरे खिलाड़ी के तौर पर एलएसजी ने रवि बिश्नोई को चुना। हालांकि टीम ने अभी तक जो भी मैच खेले हैं, उसमें अपने रिटेन किए गए खिलाड़ी मार्कस स्टॉयनिस का सही इस्तेमाल नहीं किया गया है। मार्कस स्टॉयनिस वैसे तो आलराउंडर हैं, लेकिन वे गेंदबाजी कभी कभार ही करते हुए नजर आए। वहीं टीम ने उन्हें बल्लेबाजी के लिए भी काफी नीचे के क्रम में भेजा। जहां मार्कस स्टायनिस बल्लेबाजी के लिए आते है, वहां उनके लिए बहुत कम गेंदों बाकी बचती हैं। लेकिन वे उस तरह की बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं। यहां तक कि उन्हें दीपक हुड्डा और क्रूणाल पांड्या से भी नीचे भेजा जा रहा है।शुक्रवार को लखनऊ सुपर जाइंट्स और पंजाब किंग्स के बीच मैच खेला गया, उसमें भी मार्कस स्टॉयनिस को पांचवें नंबर पर भेजा गया, उन्होंने इस मैच में चार गेंद पर एक ही रन बनाया और राहुल चाहर के शिकार हो गए। अभी तक मार्कस स्टायनिस ने इस आईपीएल में सबसे बड़ी पारी राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 38 नाबाद रन बनाए थे। इसके बाद उस तरह की पारी उनके बल्ले से नहीं निकले। इस मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने भी टीम मैनेजमेंट के इस फैसले पर सवाल उठाए। देखना होगा​ कि क्या आने वाले मैचों में टीम उन्हें पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा जाएगा या नहीं।

India TV CNX Opinion Poll: एयर स्ट्राइक के बाद BJP को हो सकता है फायदा, महागठबंधन को नुकसान

एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानFlashback 2018: कभी 'रंग-रूप' तो कभी 'मोटापा', नेताओं के बिगड़े बोल और निशाने पर रहीं महिलाएं****** नेताओं के विवादित और फूहड़ बोल हमेशा सुर्खियां बटोरते हैं और अमूमन इन नेताओं के निशाने पर महिलाएं होती हैं, फिर चाहे वह महिला राजनीति से जुड़ी हो या नहीं। उनके लिए महिलाएं आसान निशाना होती हैं, क्योंकि इनके रंग, रूप, कद-काठी, मोटापे या बालों को लेकर वे बड़ी आसानी से कुछ भी बोलकर निकल जाते हैं। वर्ष 2018 में भी इसी तरह के फूहड़ बयान सुनने को मिले, जिससे यह तो स्पष्ट हो गया कि आखिर राजनेताओं का एक बड़ा समूह महिला आरक्षण विधेयक का विरोधी क्यों रहा है।मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता ने चुनाव के दौरान महिलाओं पर पैसे लेने का आरोप लगाते हुए कहा था कि ये महिलाएं चुनाव में 200-500 रुपये लेती हैं और अपने ब्लाउज में छिपा लेती हैं।ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है, राज्य की सत्ता पर दो-तीन दिन पहले ही काबिज हुए कमलनाथ ने महिलाओं को टिकट दिए जाने के सवाल पर कहा था कि कांग्रेस में महिलाओं को 'कोटा और सजावट' के आधार पर टिकट नहीं दिए गए हैं।दिल्ली से भाजपा सांसद उदित राज ने तो पूरे 'मीटू मूवमेंट' पर ही सवाल उठाते हुए डंके की चोट पर कहा था कि महिलाएं पैसे लेकर आरोप लगाती हैं। उन्होंने कहा था कि कुछ महिलाएं जानबूझकर पुरुषों पर ऐसे आरोप लगा रही है।लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव ने राजस्थान चुनाव के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर बहुत ही फूहड़ तंज कसते हुए कहा था, "वसुंधरा को आराम दो, बहुत थक गई हैं, बहुत मोटी हो गई हैं, पहले पतली थीं। हमारे मध्य प्रदेश की बेटी हैं।"मध्य प्रदेश के गुना से भजापा विधायक पन्नालाल शाक्य ने बहुत ही घटिया बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि महिलाएं बांझ रहें, मगर ऐसे बच्चे को जन्म न दें, जो संस्कारी न हो और जो समाज में विकृति पैदा करते हों।उत्तर प्रदेश से भाजपा विधायक विक्रम सैनी ने देश की बढ़ती आबादी के बावजूद हिंदुओं को बच्चे पैदा करते रहने की सलाह दी थी। उन्होंने बड़े शर्मनाक ढंग से अपनी पत्नी के साथ अपनी बातचीत का जिक्र सार्वजनिक तौर पर किया था- "मैंने तो अपनी पत्नी से कह दिया है कि जब तक जनसंख्या नियंत्रण पर कोई कानून नहीं आ जाता, बच्चे पैदा करते रहो।"त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने मिस वल्र्ड डायना हेडेन को लेकर एक विवादित बोल दिया था कि वह इंडियन ब्यूटी नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि डायना हेडेन की जीत फिक्स थी। वह भारतीय महिलों की सुंदरता की नुमाइंदगी नहीं करती हैं।इतना ही नहीं, महाराष्ट्र सरकार में एक मंत्री हैं, जो सलाह दे रहे हैं कि शराब के ब्रांड को महिलाओं का नाम दें तो शराब खूब बिकेगी। एक और मंत्री हैं, जो कह रहे हैं कि महिलाओं को कार की तरह घर में पार्क करके रखेंगे तो 'रेप' नहीं होंगे।ये बात तो सिर्फ पुरुष नेताओं की हैं, महिला नेता भी इसमें पीछे नहीं हैं। केंद्रीय मंत्री ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को मंजूरी देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बड़े गर्व से कहा था कि "क्या आप अपने किसी दोस्त के घर खून से सना हुआ नैपकिन लेकर जाएंगे, नहीं ना! तो भगवान के घर में कैसे जा सकते हैं?"ये वही लोग हैं, जो देश में हमारा प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, मगर ये महिलाओं को सजावट, संभोग और बच्चे पैदा करने की मशीन से ज्यादा कुछ नहीं समझते। इन महानुभावों को एक महिला की हंसी तक अखर जाती है।एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानगुजरात के भावनगर में भीषण सड़क हादसा, मजदूरों से भरा ट्रक नाले में गिरा; 26 की मौत****** के भावनगर में बड़ा दर्दनाक हादसा हुआ है। एक ट्रक के कैनाल में गिरने से 26 लोगों की मौत हो गई और करीब 12 लोग घायल हैं। ये हादसा भावनगर-राजकोट हाइवे पर हुआ। बताया जा रहा है कि ट्रक में करीब 60 लोग सवार थे। हादसे के बाद वहां भयंकर चीख-पुकार मच गई। पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है और राहत-बचाव का काम चल रहा है। इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।हादसे की जानकारी मिलते ही लोगों की मदद करने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। फिलहाल शवों और घायलों को नाले से निकालने का काम किया जा रहा है। घटनास्थल पर पुलिस और राहतकर्मी राहत कार्यों को अंजाम दे रहे हैं।हादसे की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पुलिस पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाने के काम में जुट गयी। खबरों की मानें तो ट्रक में सवार लोग जैनी श्रद्धालु थे, जो किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे थे। खबर लिखे जाने तक हादसे की सही वजहों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानCOVID-19 Vaccination: देश में कोविड-19 टीके की 25. 87 करोड़ से अधिक खुराक लगायी गयीं****** केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि अब तक टीके की 25.87 करोड़ से अधिक खुराक लगायी गयी हैं। मंत्रालय ने बताया कि सोमवार को 18-44 साल के आयु वर्ग के 20,99,621 लोगों को टीके की पहली खुराक दी गयी जबकि 1,16,326 को दूसरी खुराक लगायी गयी। स्वास्थ्यमंत्रालय ने बताया कि देश में इस वायरस के विरूद्ध के तीसरे चरण की शुरुआत से अब तक देशभर में 18-44 साल के आयु वर्ग के 4,34,35,032 लोगों ने कोविड-19 टीके की पहली खुराक और 8,33,808 लोगों ने दूसरी खुराक ली है।मंत्रालय ने कहा कि बिहार, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओड़िशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 18-44 साल के 10-10 लाख से अधिक लोगों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक लगा दी गयी है। मंत्रालय ने कहा कि आज शाम सात बजे तक की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार देश में अब तक कोविड की 25,87,13,321 खुराक लगायी जा चुकी हैं। इनमें 1,00,67,641 स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक , 69,81,884 स्वास्थ्यकर्मियों को दूसरी खुराक, 1,68,38,400 अग्रिम मोर्चा कर्मियों को पहली खुराक और 88,76,931 अग्रिम मोर्चा कर्मियों को दूसरी खुराक लगायी गयी। के अनुसार 18-44 साल की उम्र के 4,34,35,032 लोगों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक और 8,33,808 लोगों को दूसरी खुराक दी गयी है। इसके अलावा 45-60 साल उम्र के 7,65,48,740 लोगों को पहली खुराक और 1,20,81,922 को दूसरी खुराक दी गयी है तथा 60 साल से अधिक उम्र के 6,29,78,733 लोगों को पहली खुराक और 2,00,70,230 को दूसरी खुराक लगायी जा चुकी है। अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार टीकाकरण के 150 वें दिन 14 जून को टीके की 35,96,462 खुराक दी गयीं। उनमें 31,84,503 को पहली खुराक और 4,11,959 को दूसरी खुराक दी गयी।

एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानमहाराष्ट्र: एनसीपी प्रमुख शरद पवार कोरोना संक्रमित, ट्वीट कर कही ये बात****** राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को बताया है कि वो कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा है, ‘‘ मैं कोरोना वायरस से संक्रमित हो गया हूं, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। मैं, मेरे चिकित्सक की सलाह का पालन कर रहा हूं।’’81 साल के ने कहा, ‘‘मैं पिछले कुछ दिनों में मेरे सम्पर्क में आए, सभी लोगों से जांच कराने और पूरी एहतियात बरतने की अपील करता हूं।’’ महाराष्ट्र की शिवसेना नीत महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार का हिस्सा राकांपा और कांग्रेस भी हैं।गौरतलब है कि में कोरोना के मामले अभी भी 40 हजार से अधिक हर रोज दर्ज हो रहे हैं। राज्य में पिछले 24 घंटे में कोविड के 40,805 नए मामले सामने आए थे। पिछले एक दिन में राज्य में कोरोना से 44 लोगों की मौत हुई थी। नए मामलों के सामने आने के बाद राज्य में कुल एक्टिव केस की संख्या 2,93,305 पहुंच गई है।देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना संक्रमण से थोड़ी राहत मिली है। मुंबई में हर दिन कोरोना के ग्राफ में गिरावट आ रही है। पिछले 24 घंटे में यहां कोरोना के 2,550 नए मामले सामने आए जिसके बाद शहर में कुल एक्टिव केस की संख्या 19,808 पर पहुंच गई है।इनपुट- भाषाएयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानपेरिस ओलंपिक 2024 का होगा भव्य उद्घाटन, सीन नदी पर किया जाएगा रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन******Highlightsपेरिस ओलंपिक 2024 का उद्घाटन समारोह अनूठा और बेहद ही भव्यहोगा। इसमें हजारों एथलीट सीन नदी पर नौकाओं पर सवार होंगे और एफिल टावर के पीछे अस्त होता सूरज विशाल स्वर्ण पदक की तरह नजर आयेगा।यह समारोह 26 जुलाई 2024 को होगा जिसमें रोशनी के इस शहर की संस्कृति की बानगी भी देखने को मिलेगी।पेरिस ओलंपिक 2024 के उद्घाटन समारोह के बारे में सोमवार को आयोजित एक समारोह में जानकारी दी गई। आयोजकों को उम्मीद है कि ओलंपिक के इतिहास में यह अनूठा समारोह होगा, जिसे नदी के किनारे हजारों लोग निशुल्क देख सकेंगे। आम तौर पर उद्घाटन समारोह स्टेडियम के भीतर आयोजित किये जाते हैं लेकिन पेरिस आयोजन समिति ने पहले ही कुछ अलग करने के संकेत दे दिये थे। इस समारोह की शुरूआत सभी 200 टीमों के खिलाड़ियों की परेड से होगी जो आम तौर पर आखिर में आयोजित की जाती है।

एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानरणबीर कपूर ने जब जोड़े दोनों हाथ तब आलिया भट्ट ने कहा 'बेस्ट बॉयफ्रेंड'******Highlightsरणबीर-आलिया कई सालों से रिलेशनशिप में हैं। मगर अब आलिया को ये बात समझ आई है कि रणबीर उनके बेस्ट बॉयफ्रेंड हैं। शुक्रवार को आलिया भट्ट की अपकमिंग मूवी 'गंगूबाई काठियावाड़ी' का ट्रेलर आया जिसने फैंस का दिल जीत लिया। इतना ही नहीं अब तो आलिया के बॉयफ्रेंड रणबीर कपूर का भी उस पर रिएक्शन मिल चुका है। 'गंगूबाई काठियावाड़ी' के एक सीन को रणबीर ने रिक्रिएट करके शेयर किया। इस अदा को देख आलिया भला कैसे खुश न होती।इंस्टाग्राम स्टोरी पर सीन को शेयर करते हुए आलिया ने लिखा- Best Boyfriend Ever! साथ ही शेयर किए फोटो में दोनों हाथ जोड़े दिख रहे हैं। दरअसल, ये 'गंगूबाई काठियावाड़ी' का एक दमदार सीन है। जिसमें आलिया मंच पर कुछ अंदाज में दिखती हैं। एक बार फिर रणबीर के कारण ये सीन चर्चा में बना हुआ है।बता दें, संजय लीला भंसाली की चर्चित मूवी 'गंगूबाई काठियावाड़ी' का ट्रेलर शुक्रवार को रिलीज किया गया। 'गंगूबाई' के रोल में अभिनेत्री आलिया भट्ट ट्रेलर में जबरदस्त अंदाज में दिखीं। इसके अलावा एक्टर विजय राज को भी काफी पसंद किया जा रहा है जो किन्नर की भूमिका नजर निभा रहे हैं। वहीं, अजय देवगन की दमदार एंट्री भी लोगों को दिल जीत रही है। फिल्म में अजय देवगन 'लाला' नाम के किरदार में नजर आने वाले हैं।हालांकि, ट्रेलर दमदार है इसलिए उम्मीद है कि मूवी भी फैंस को पसंद आएगी। दमदार डायलॉग लोगों को क्रेजी करने का काम कर रहे हैं। 25 फरवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म का फैंस को बेसब्री से इंतजार है।एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानIndia vs West Indies 1st T20: तीसरे टी20 के लिये बीसीसीआई ने 20,000 दर्शकों को अनुमति दी******बीसीसीआई ने भारत और वेस्टइंडीज के बीच 20 फरवरी को होने वाले तीसरे टी20 मैच के लिये 20,000 दर्शकों को ईडन गार्डंस पर प्रवेश की अनुमति देने का फैसला किया है। हालांकि इनमें से अधिकांश बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के सदस्य होंगे। इसके लिये कैब अपने सदस्यों और मान्य ईकाइयों को मुफ्त टिकट जारी करेगा।बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बंगाल क्रिकेट संघ के प्रमुख अविषेक डालमिया को लिखे ईमेल में कहा,‘‘ आपके अनुरोध के बाद अन्य पदाधिकारियों के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया कि वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी टी20 में दर्शकों को प्रवेश दिया जा सकता है।’’ डालमिया ने कहा ,‘‘ हम बीसीसीआई के शुक्रगुजार हैं। इससे कैब आजीवन सहयोगियों, सालाना और मानद् सदस्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकेगा।’’इससे पहले गांगुली ने PTI को दिये इंटरव्यू में कहा था कि खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी तरह की जोखिम से बचने के लिये दर्शकों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी। डालमिया ने 70 प्रतिशत दर्शकों को प्रवेश की अनुमति देने की गुजारिश की थी। पहले दो टी20 मैचों में 2000 के करीब दर्शकों को कारपोरेट बॉक्स और डॉक्टर बी सी रॉय क्लब हाउस के ऊपरी दर्जे में प्रवेश की अनुमति दी गई है। पहले दो मैचों के मैच पास सिर्फ प्रायोजकों के लिये हैं।

एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानTuberculosis TB Disease: मन में टीबी से जुड़ा कोई भी सवाल है, तो तुरंत करें क्लिक, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण से लेकर इलाज तक सबकुछ******Highlightsटीबी यानी ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया से होने वाली एक ऐसी बीमारी है, जो आजकल आम हो गई है। बड़ी संख्या में रोजाना लोग इसके शिकार हो रहे हैं। सबसे आम फेफड़ों का टीबी होता है और यह हवा के जरिए एक से दूसरे इंसान में फैलता है। टीबी से पीड़ित शख्स के खांसने या छींकने के दौरान मुंह और नाक से निकलने वाली बारीक बूंदें इन्हें फैलाती हैं। फेफड़ों के अलावा ब्रेन, यूटेरस, मुंह, लिवर, किडनी और गले में भी टीबी हो सकता है। टीबी इसलिए जानलेवा होता है क्योंकि ये शरीर के जिस हिस्से पर हो, अगर उसका ठीक से इलाज न कराया जाए, तो वो हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। ऐसे में बहुत से लोग हैं, जिनके मन में अकसर इस बीमारी को लेकर तमाम तरह के सवाल होते हैं।मरीज सोच में पड़ जाता है, कि आखिर उसे क्या हुआ है और क्या वह ठीक हो पाएगा? जबकि उसके दोस्त-रिश्तेदार भी मरीज की सेहत को लेकर चिंता में पड़ जाते हैं। तो इसी समस्या का समाधान करने के लिए हम आज टीबी से जुड़े सवालों के जवाब आपको देने वाले हैं। इसके लिए हमने जाने माने डॉक्टर अजय कोच्चर से बात की है। वह ट्यूबरकुलोसिस और चेस्ट डिजीज स्पेशलिस्ट हैं। वह दिल्ली के संजीवन हॉस्पिटल के अलावा अपने टीबी सेंटर में भी मरीजों का इलाज करते हैं। डॉक्टर कोच्चर के पास करीब 34 साल का अनुभव है। वह 1988 से टीबी के मरीजों का इलाज कर रहे हैं। हमने डॉक्टर कोच्चर से टीबी पर विस्तार से बात की है, जिसमें पूरी कोशिश की गई है कि कोई भी सवाल न छूटे और आपको पूरी जानकारी मिले। ये आर्टिकल का है।इससे अगला पार्ट पढ़ने के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। टीबी एक संक्रामक रोग है, जैसे कोविड एक शख्स से दूसरे में जाता है, ठीक वैसे ही टीबी भी हवा के जरिए एक से दूसरे शख्स को संक्रमित करता है। हालांकि कोविड के मुकाबले टीबी काफी धीमी गति से फैलता है। जैसे अगर टीबी का इन्फेक्शन 10 लोगों तक पहुंचेगा, तो वह उनमें से 1 या 2 को होगा। लेकिन कोविड-19 में अगर 10 को देंगे, तो 10 ही लोग संक्रमित हो सकते हैं। अगर अस्पताल या कहीं और कोई टीबी का मरीज है, या फिर वहां से होकर गया है, तो हवा में खांसने की वजह से, या छींकने की वजह से, या कई बार बोलने की वजह से, उसका बैक्टीरिया हवा में आ जाता है। और उस बंद एरिया में हम पहुंच जाते हैं। और हमारा शरीर अगर कमजोर है, तो हमें टीबी होने का खतरा रहता है। लेकिन अगर शरीर मजबूत है, तो वो शुरू में ही बैक्टीरिया को मार देगा। जो आमतौर पर स्वस्थ्य लोगों के साथ होता है। उनका शरीर प्रवेश पर ही टीबी के बैक्टीरिया को मार देता है। जैसे अगर अस्पताल से कोई टीबी का मरीज बाहर निकला है, अगर कुछ देर हो जाती है, तो बैक्टीरिया हवा में ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रहता। ये एयरबॉर्न है, यानी हवा में फैलता है। ये तब फैलता है, जब इसका कोई मरीज आसपास हो, दूसरे को बैक्टीरिया देने के लिए।किसी को भी अगर दो हफ्ते से ज्यादा बुखार, या खांसी, या भूख कम होना या वजन कम होना जैसे लक्षण दिखें, तो टीबी हो सकता है। जैसे, कुछ लोगों को आंख का टीबी होता है, तो उनको दिखाई देने में दिक्कत होने लगती है। ब्रेन के टीबी में मिर्गी के दौरे पड़ने लग जाते हैं। तो ये निर्भर करता है कि ये शरीर के किस हिस्से में हुआ है। ये टीबी के आम लक्षण हैं। लेकिन अगर शरीर के दूसरे हिस्से में है, जैसे आंख या ब्रेन में, तो सामान्य लक्षणों के बजाए, लोकल लक्षण दिखने लग जाते हैं। कई बार टीबी के संपर्क के बाद उसके लक्षण दो से तीन हफ्ते में दिखने लगते हैं, तो कई बार दिखने में दो महीने लगते हैं।पहले डॉक्टर देखता है कि मरीज को क्या समस्या है। सामान्य लक्षणों के बाद पता लगाया जाता है कि टीबी शरीर के किस हिस्से में है। अगर उन्हें आंतों में लगता है, तो वो पेट का CT-Scan करा सकते हैं। ये पूरे शरीर में कहीं पर भी हो सकता है, जैसे घुटने की हड्डी में, रीढ़ की हड्डी में या फिर फेफड़ों में। इसके हिसाब से ही टेस्ट किए जाते हैं।टीबी कई तरह का होता है- टीबी के ज्यादातर लक्षणों को लोग अकसर नजरअंदाज करते हैं। इसके सामान्य लक्षण होते हैं-अगर किसी को फेफड़ों का टीबी है, तो सामान्य लक्षण तो दिखेंगे ही, लेकिन अगर उन्हें नजरअंदाज करें, तो मुंह से खून आने लगता है और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है, जो पहले नहीं थी। मगर टीबी के फैलने, लक्षणों को नजरअंदाज करने पर ऐसा होने लगता है। अगर इलाज न कराएं, तो फेफड़े पूरी तरह खराब हो जाते हैं। क्योंकि ये बीमारी फेफड़ों या टिशूज को गलाने वाली बीमारी है, वो गलते जाते हैं। चाहे वो आंत हो, फेफड़े हों, हड्डी हों या कुछ भी हो। इसमें दो चरण होते हैं-ससेप्टिबल टीबी में पहले 2 महीने के लिए हम ज्यादा दवाईयां देते हैं। ताकि जल्दी से बैक्टीरिया मरें। 2 महीने के बाद दवा कम कर देते हैं। फिर 4 से लेकर 7 महीने तक दवा दी जाती है।कोर्स या तो 6 महीने का होता है या फिर 9 महीने का होता है। ये शुरू में ही पता चल जाता है कि टीबी कहां का है, उसी के अनुसार, दवा का कोर्स कौन सा देना है, ये निर्धारित किया जाता है।लेकिन अगर टीबी ब्रेन में या फिर हड्डियों में होता है, तो उसका 1.5 साल का कोर्स होता है।पहले 2 महीने सबको एक जैसी दवाएं देते हैं। ये पहला चरण है, जो 2 महीने का होता है। इसके बाद वाले चरण को कंटिन्यूएशन फेज कहते हैं। यानी दूसरा चरण।जो दूसरा चरण है, वो शरीर के किस हिस्से में टीबी है, इस आधार पर अलग-अलग होता है। जैसे हड्डियों में है, तो 16 महीने का कोर्स होता है, कुल कोर्स 18 महीने का है। 2 महीने कंटिन्यूएशन पीरियडहोता है और उसके बाद 16 महीने और। पहला चरण तो सबका 2 महीने का होता है। लेकिन दूसरा चरण, इस बात पर निर्भर करता है कि टीबी कहां पर है। जैसे अगर फेफड़ों में टीबी है और थोड़ा है, तो दूसरा चरण 4 महीने का होगा, यानी कुल कोर्स 6 महीने का होगा। वहीं अगर हड्डियों में है, तो दूसरा चरण 16 महीने का होगा। यानी कुल कोर्स 18 महीने का होगा। ठीक इसी तरह, ब्रेन में अगर टीबी है, तो दूसरा चरण 16 महीने का होगा। यानी कुल कोर्स 18 महीने का होगा।वहीं कुछ मरीजों को 9 महीने तक इलाज दिया जाता है, ये निर्भर करता है कि टीबी शरीर के किस हिस्से में है, जैसे आंत में है, मांसपेशियों में है, या सॉफ्ट टिशू में है। तो उनका कुल 9 महीने का कोर्स होता है। 2 महीने का पहला चरण होता है और दूसरा 7 महीने का होता है। ये सब मरीज की स्थिति और बैक्टीरिया पर निर्भर करता है। इसका दवा से लेना देना नहीं है। इसका मतलब ये होता है कि या तो टीबी धीरे ठीक हो रहाहै या कोई और समस्या साथ में आ गई है, जैसे एलर्जी या कोई और चीज। या फिर रेसिस्टेंट आ गई है।एयरस्ट्राइककेबादBJPकोहोसकताहैफायदामहागठबंधनकोनुकसानICC WTC Points Table : टीम इंडिया का फाइनल खेलना मुश्किल, ऑस्ट्रेलिया नंबर एक से हटा******Highlightsआईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की प्वाइंट्स टेबल एक बार फिर से बदल गई है। श्रीलंका ने जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया को पारी की मात दी है, उससे पूरी अंक तालिका में भारी बदलाव देखने के लिए मिल रहा है। अभी तक ऑस्ट्रेलियाई टीम प्वाइंट्स टेबल में नंबर वन की कुर्सी पर का​बिज थी, लेकिन एक मैच में हार के बाद ही उससे ये कुर्सी छिन गई है। साथ ही श्रीलंका की जीत से टीम इंडिया को काफी नुकसान हुआ है। भारतीय टीम अभी तक नंबर चार की पोजीशन पर थी, लेकिन अब टीम इंडिया पांच नंबर पर पहुंच गई है।आईसीसी डब्यूटीसी की प्वाइंट्स टेबल में अब दक्षिण अफ्रीकी टीम नंबर एक की कुर्सी पर काबिज हो गई है। दक्षिण अफ्रीकी टीम के अब 60 अंक हो गए हैं, वहीं इस टीम का जीत का प्रतिशत 71.43 हो गया है। इसके बाद दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलियाई टीम है। ऑस्ट्रेलिया के अंक तो 84 हैं, लेकिन उसका जीत प्रतिशत अब 70 ही रह गया है, जो दक्षिण अफ्रीका से कम है, इसलिए दक्षिण अफ्रीका नंबर एक पर पहुंच गई है। इसके बाद तीसरे नंबर पर अब श्रीलंकाई टीम पहुंंच गई है। श्रीलंका के अंक 52 हैं और जीत प्रतिशत 54.17 है। इसके बाद चौथे नंबर पर पाकिस्तानी टीम है। पाकिस्तान के अंक 44 हैं और जीत प्रतिशत 52.38 हैं। वहीं भारतीय टीम नंबर पांच पर पहुंच चुकी है। भारतीय टीम के अंक तो 75 हैं, लेकिन जीत प्रतिशत 52.08 हो गया है। यही कारण है कि टीम इंडिया जो कुछ ही ​दिन पहले तक नंबर तीन पर कायम थी, वो अब पांचवें नंबर पर खिसक गई है।बता दें कि इस वक्त जो भी टीमें टेस्ट मैच खेल रही हैं, वो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत ही खेले जा रहे हैं। कोई भी टीम अगर मैच जीतती है तो उसे 12 अंक दिए जाते हैं और उसकी जीत का प्रतिशत 100 हो जाता है, वहीं टाई मैच में टीम को छह अंक दिए जाते हैं। टाई पर 50 प्रतिशत अंक दिए जाते हैं। वहीं ड्रॉ होने पर दोनों टीमों मको चार चार अंक दिए जाते हैं और अंक प्रतिशत 33.33 हो जाता है। वहीं हारने पर कोई भी अंक ​नहीं दिया जाता है और जीत प्रतिशत में भी कोई अंक नहीं दिया जाता है।

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